मध्य प्रदेश में शॉकिंग : मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया। एक पति ने पोर्न स्टार बनने की जुनूनी चाहत और दहेज की खुन्नस में अपनी ही पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया, पोर्न साइट्स और रिश्तेदारों के बीच वायरल कर दिया। इस घिनौने कृत्य के बाद आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया गया है। यह मामला न केवल पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि डिजिटल युग में प्राइवेसी और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
शादी के कुछ महीनों में ही शुरू हुई प्रताड़ना
पीड़िता का विवाह 10 मई 2025 को शिवम साहू नामक युवक से हुआ था। शादी के समय ही दहेज की मांग शुरू हो गई। परिवार ने 3 लाख रुपये में से 2 लाख रुपये दिए, लेकिन बाकी राशि के लिए पति लगातार दबाव बनाता रहा। शादी के बाद पति का व्यवहार बदल गया। वह इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री देखने का आदी था और खुद को पोर्न स्टार बनाने की सनक सवार हो गई। जांच में पता चला कि वह लंबे समय से पोर्न साइट्स का दीवाना था और पॉपुलर होने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था।

दिसंबर 2025 में आरोपी ने पत्नी के साथ अंतरंग संबंध बनाते समय चुपके से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। जब पत्नी ने इसका विरोध किया, तो पति ने धमकी दी कि वह वीडियो वायरल कर देगा और उसे बदनाम करेगा। विरोध के बावजूद उसने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विभिन्न पोर्न वेबसाइट्स और यहां तक कि रिश्तेदारों के बीच शेयर कर दिया। वीडियो वायरल होने से पीड़िता और उसके परिवार को गहरा सदमा लगा। महिला ने विरोध जताया, लेकिन पति ने कहा कि इससे वह फेमस हो जाएगा और लोग उसे पहचानेंगे।
वीडियो वायरल होने के बाद पति का खौफनाक रवैया
वीडियो के वायरल होने के बाद आरोपी शिवम साहू मुंबई भाग गया। लेकिन 12 फरवरी 2026 को वह हथियार लेकर ससुराल (मऊगंज क्षेत्र) पहुंचा और परिवार को धमकाने लगा। इस दौरान उसने फिर से बदनामी और जान से मारने की धमकी दी। परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। समान थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
- पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, आपराधिक धमकी, अश्लील सामग्री प्रसारण,
- आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। CSP राजीव पाठक ने बताया
- कि जांच तेजी से चल रही है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और टेक्निकल एविडेंस इकट्ठा
- करके सत्यता की जांच की जा रही है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
- पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
समाज और कानून के लिए सबक
- यह घटना डिजिटल युग में प्राइवेसी के उल्लंघन का सबसे खतरनाक उदाहरण है।
- पति का पोर्न स्टार बनने का जुनून और दहेज की लालच ने एक निर्दोष महिला की जिंदगी तबाह कर दी।
- आज सोशल मीडिया और इंटरनेट के दौर में ऐसी सामग्री सेकंडों में वायरल हो जाती है,
- जिससे पीड़ित को मानसिक और सामाजिक रूप से भारी नुकसान होता है।
- महिलाओं के खिलाफ साइबर क्राइम बढ़ रहे हैं, इसलिए सख्त कानून और जागरूकता की जरूरत है।
- पीड़ित महिलाओं को तुरंत पुलिस या साइबर सेल से मदद लेनी चाहिए।
- भारत में आईटी एक्ट 2000 की धारा 66E, 67 और POCSO जैसे कानून ऐसे मामलों में
- सख्त कार्रवाई की अनुमति देते हैं। साथ ही, पारिवारिक विवादों में काउंसलिंग और कानूनी सहायता लेना बेहतर होता है।
यह मामला हमें याद दिलाता है कि रिश्तों में भरोसा सबसे बड़ी पूंजी है, लेकिन जब लालच और गलत इरादे हावी हो जाएं तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसे अपराधों को रोकने के लिए समाज, परिवार और तकनीकी प्लेटफॉर्म्स को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।