ISI की हनीट्रैप साजिश : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की एक बड़ी हनीट्रैप साजिश नाकाम हो गई है। एक स्थानीय युवक ने कश्मीरी लड़की बनकर आए पाकिस्तानी एजेंट के लालच और धमकियों को पूरी तरह ठुकरा दिया। युवक ने भारतीय सेना की संवेदनशील तस्वीरें और जानकारी शेयर करने से साफ इनकार कर दिया, जिससे देश की सुरक्षा को बड़ा खतरा टल गया।
जम्मू के डोडा जिले का रहने वाला करीब 35 वर्षीय युवक पिछले साल दिसंबर में फेसबुक पर एक बर्फबारी का वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो पर एक प्रोफाइल ने कमेंट किया, जिसने खुद को कश्मीर की लड़की बताया। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और मैसेजिंग का सिलसिला शुरू हो गया।

ISI की हनीट्रैप साजिश पूरी घटना क्या है?
मार्च 2026 में उस महिला ने युवक का व्हाट्सएप नंबर मांगा। युवक को जब पहली बार +92 (पाकिस्तान का कंट्री कोड) दिखा, तो उसकी आंखें खुल गईं। इसके बाद पाकिस्तानी एजेंट ने युवक को सेना की तैनाती, आर्मी बेस और संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें भेजने के बदले बड़ी रकम देने का लालच दिया।
युवक की देशभक्ति भरी प्रतिक्रिया!
- युवक ने न सिर्फ प्रस्ताव ठुकरा दिया, बल्कि तुरंत उस नंबर को ब्लॉक कर दिया।
- इसके बाद भी पाकिस्तानी एजेंट ने अलग-अलग नंबर्स से कॉल्स और मैसेज भेजे
- जिसमें लालच के साथ धमकियां भी शामिल थीं। युवक ने कुल एक दर्जन से
- ज्यादा नंबर्स ब्लॉक किए और किसी भी तरह की जानकारी शेयर नहीं की।
पुलिस को पाकिस्तान से आने वाली व्हाट्सएप कॉल्स इंटरसेप्ट होने के बाद इस मामले की जानकारी लगी। सुरक्षा एजेंसियों ने युवक के घर छापा मारा और उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। गहन जांच के बाद जब साफ हो गया कि युवक ने देश के खिलाफ कोई गलत काम नहीं किया, तो उसे छोड़ दिया गया। फिलहाल उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है और उसकी सुरक्षा के लिए निगरानी में रखा गया है।
ISI की हनीट्रैप रणनीति
ISI जम्मू-कश्मीर में युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए टारगेट करती है।
- फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट आदि प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल
- आकर्षक प्रोफाइल बनाकर दोस्ती बढ़ाना
- धीरे-धीरे संवेदनशील जानकारी मांगना
- लालच, ब्लैकमेल और परिवार की जान की धमकी
यह पहला मामला नहीं है। कुछ हफ्ते पहले भी डोडा इलाके में एक 23 वर्षीय युवक को इसी तरह हनीट्रैप में फंसाकर गिरफ्तार किया गया था।
युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश
- अनजान लोगों के साथ सोशल मीडिया पर ज्यादा दोस्ती न बढ़ाएं
- विदेशी नंबर (+92) दिखते ही सतर्क हो जाएं
- संवेदनशील जानकारी कभी शेयर न करें
- संदिग्ध गतिविधि देखते ही तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें
- प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें
सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका
जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल लगातार ISI की साजिशों पर नजर रखे हुए हैं। इस मामले में युवक की सजगता और सुरक्षा बलों की तेज कार्रवाई ने एक बड़ी साजिश को नाकाम किया।
डोडा के इस युवक ने सच्ची देशभक्ति का उदाहरण पेश किया है। ISI की हनीट्रैप साजिश को नाकाम करके उसने न सिर्फ खुद को बचाया बल्कि देश की सुरक्षा को भी मजबूत किया। ऐसे मामलों में युवाओं को जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
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