ईरान टोल टैक्स : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक नई चर्चा गरम हो गई है। क्या ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से 20 लाख डॉलर (लगभग 18.8 करोड़ रुपये) का भारी टोल टैक्स वसूल रहा है? खासकर भारत के दो LPG टैंकर पाइन गैस और जग वसंत इस रास्ते से निकलकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे यह सवाल और जोर पकड़ रहा है। लेकिन ईरानी दूतावास ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बता दिया है। आइए पूरी खबर को विस्तार से समझते हैं।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार सुबह दो भारतीय एलपीजी टैंकर – पाइन गैस और जग वसंत – फारस की खाड़ी से रवाना हुए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गए। दोनों जहाज एक-दूसरे के काफी करीब चल रहे हैं। इन पर कुल 92,000 टन एलपीजी लदा है, जो भारत में लगभग एक दिन की खाना पकाने की गैस की पूरी खपत के बराबर है।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यात्रा शुरू हो चुकी है। सामान्य रूप से खाड़ी से भारत पहुंचने में इन जहाजों को 2 से 2.5 दिन लगते हैं। यानी मार्च के अंत तक ये जहाज भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच सकते हैं।
- ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, दोनों टैंकर ईरानी अधिकारियों को अपनी पहचान बताने
- के लिए लारक और क्वेशम द्वीपों के बीच वाले जलक्षेत्र से गुजरे। ये जहाज उन 22 भारतीय झंडे वाले
- जहाजों में शामिल हैं जो हाल के पश्चिम एशिया युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में फंस गए थे।
- युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद जैसा हो गया था।
ईरान का दावा और भारत में इनकार
ईरान के संसद सदस्य अलाउद्दीन बोरुजेरदी (राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य) ने हाल ही में कहा था कि ईरान ने होर्मुज पर “नई संप्रभुता” का दावा करते हुए कुछ जहाजों से 2 मिलियन डॉलर तक ट्रांजिट फीस वसूलना शुरू कर दिया है। उन्होंने इसे “ईरान की ताकत” का प्रतीक बताया।
लेकिन भारत स्थित ईरानी दूतावास ने साफ इनकार कर दिया। दूतावास ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करके कहा:
“होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से इस्लामिक गणराज्य ईरान द्वारा 2 मिलियन डॉलर वसूलने के दावे निराधार हैं। ऐसे बयान केवल व्यक्तियों के निजी विचार हैं और ईरान सरकार के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते।”
ईरान का कहना है कि स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने के लिए केवल अधिकारियों से पहले से की गई बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। कोई आधिकारिक टोल टैक्स नहीं लिया जा रहा।
पहले भी दो जहाज सुरक्षित पहुंचे!
- इससे पहले दो अन्य भारतीय LPG टैंकर एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी
- भी होर्मुज पार करके भारत पहुंच चुके हैं। इनमें कुल 92,712 टन एलपीजी थी।
- शिवालिक → 16 मार्च को गुजरात के मुंदड़ा बंदरगाह पहुंचा
- नंदा देवी → अगले दिन कांडला बंदरगाह पहुंचा
- दोनों ने 13 मार्च को यात्रा शुरू की और 14 मार्च सुबह होर्मुज पार किया।
- इसके अलावा, UAE से 80,886 टन कच्चे तेल ला रहा जग लाडकी भी 18 मार्च को मुंदड़ा पहुंच चुका है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों इतना महत्वपूर्ण?
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोक पॉइंट है।
- यहां से दुनिया का लगभग 20-30% तेल और बहुत सारा LNG गुजरता है।
- अगर यहां कोई रुकावट आई तो ग्लोबल एनर्जी कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
- पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध (ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव)
- के कारण बीमा लागत बढ़ गई है और जहाजों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।
- इसी बीच ईरान ने अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
भारत ईरान से काफी मात्रा में कच्चा तेल और एलपीजी आयात करता है। अगर होर्मुज से गुजरने में कोई अतिरिक्त खर्च या देरी हुई तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि अभी दोनों जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं और ईरानी दूतावास ने फीस वसूली से इनकार किया है, इसलिए तत्काल बड़ा खतरा नहीं दिख रहा।
सरकार की नजर इन जहाजों की आवाजाही पर बनी हुई है। विशेष सचिव सिन्हा ने कहा कि यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।
2 मिलियन डॉलर टोल टैक्स की खबर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में तेजी से फैली, लेकिन ईरान सरकार ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया। दो भारतीय LPG टैंकर होर्मुज पार करके भारत आ रहे हैं, जो अच्छी खबर है। फिर भी पश्चिम एशिया का तनाव जारी है, इसलिए भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा के वैकल्पिक रास्ते और मजबूत करने की जरूरत है।
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