गोल्ड प्राइस क्रैश : कीमती धातुओं के बाजार में मार्च 2026 तूफान आ गया है। सोने (Gold) और चांदी (Silver) के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मार्च महीने में सोने की कीमतों में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है, जो पिछले 45 वर्षों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। चांदी में गिरावट और भी तेज रही। 24 मार्च 2026 को एमसीएक्स पर सोना 2400 रुपये से ज्यादा टूटकर 1,36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 9,000 रुपये से अधिक सस्ती होकर 2,15,693 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
यह गिरावट लगातार चौथे सप्ताह जारी रही। घरेलू बाजार में मार्च के दौरान सोने की कीमतें 12 से 17 प्रतिशत तक टूट चुकी हैं, जबकि ऑल टाइम हाई से कुल गिरावट 20-25 प्रतिशत तक पहुंच गई है। चांदी की स्थिति और खराब रही, जहां मार्च में 20 प्रतिशत से अधिक और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 33 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई।

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
गिरावट के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं:
- मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव कम होने के संकेतों से निवेशकों की सेफ हेवन (Safe Haven) डिमांड घटी।
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोना अन्य देशों के लिए महंगा हो गया।
- ऊंची ब्याज दरों (High Interest Rates) का माहौल बना रहा
- जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने की आकर्षकता कम हुई।
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई का दबाव बढ़ा, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं।
- निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) की और नकदी की जरूरत पड़ने पर बिकवाली बढ़ गई।
- मजबूत डॉलर और ऊंचे बॉन्ड यील्ड ने सोने की सेफ हेवन वाली छवि को झटका दिया।
घरेलू बाजार पर भी अंतरराष्ट्रीय गिरावट का सीधा असर पड़ा। निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ, जिससे बिकवाली का दबाव बना रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
- सिंगापुर में हाजिर सोना 1.5 प्रतिशत गिरकर 4,340.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
- कॉमेक्स पर भी सोना करीब 1.5 प्रतिशत नीचे 4,370 डॉलर के आसपास रहा।
- चांदी 3.3 प्रतिशत फिसलकर 66.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
निवेशकों, ज्वेलर्स और बाजार पर असर
- इस क्रैश से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। कई लोग शॉर्ट टर्म में नुकसान झेल रहे हैं।
- ज्वेलर्स को भी मांग में कमी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार अब बेयर मार्केट
- (Bear Market) के दायरे में प्रवेश कर चुका है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा माहौल में अस्थिरता बढ़ सकती है।
- हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है।
- बाजार जानकार सलाह देते हैं कि चरणबद्ध तरीके से (SIP जैसी रणनीति) निवेश करें और घबराकर बेचने से बचें।
ऐतिहासिक संदर्भ
- मार्च 1980 के बाद सोने में यह सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।
- इससे पहले इतनी तेज गिरावट देखने को नहीं मिली थी। चांदी में गिरावट और भी भारी रही
- जो अपने पीक से 45-47 प्रतिशत तक नीचे आ चुकी है।
आगे क्या?
बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। अगर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा या अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती का संकेत दे, तो रिकवरी हो सकती है। लेकिन फिलहाल मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरों का दबाव बना रहेगा।
निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। डाइवर्सिफिकेशन करें और केवल उतना ही निवेश करें जितना जोखिम उठा सकें। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग से बचें, क्योंकि अस्थिरता बहुत ज्यादा है।
मार्च 2026 सोने-चांदी के बाजार के लिए यादगार महीना साबित हुआ – लेकिन नकारात्मक रूप से। 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली यह गिरावट निवेशकों को सबक भी दे रही है कि कीमती धातुएं भी जोखिम से मुक्त नहीं हैं। जो लोग लंबी अवधि के लिए सोच रहे हैं, उनके लिए यह डिप खरीदने का मौका हो सकता है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
Read More : Poco M7 Pro ने मचा दिया तहलका, इतने कम दाम में इतने प्रीमियम फीचर्स पहले कभी नहीं मिले