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एकादशी व्रत पापमोचनी और कामदा एकादशी की तिथि मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि!

On: March 6, 2026 10:31 AM
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एकादशी व्रत पापमोचनी : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत अधिक महत्व है। यह भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र व्रतों में से एक है। मार्च 2026 में दो प्रमुख एकादशी पड़ रही हैं – पापमोचनी एकादशी और कामदा एकादशी। ये व्रत पाप नाश, मनोकामना पूर्ति और सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। चैत्र मास की शुरुआत के साथ ये एकादशियां आती हैं, जो होली और नवरात्रि से पहले भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति देती हैं। आइए जानते हैं इनकी पूरी जानकारी – तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय, महत्व, पूजा विधि और लाभ।

मार्च 2026 में एकादशी व्रत की तिथियां!

एकादशी व्रत पारायणनी
एकादशी व्रत पारायणनी से जुड़ी पूजा, नियम और धार्मिक महत्व।

मार्च 2026 में दो एकादशी व्रत हैं:

  1. पापमोचनी एकादशी – 15 मार्च 2026 (रविवार)
  2. कामदा एकादशी – 29 मार्च 2026 (रविवार)

ये दोनों रविवार को पड़ रही हैं, जो इन व्रतों को और भी शुभ बनाता है।

पापमोचनी एकादशी 2026: तिथि, मुहूर्त और महत्व

पापमोचनी एकादशी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। नाम से ही स्पष्ट है कि यह सभी पापों को मोचन (मुक्त) करने वाली है। ब्रह्मांड पुराण में इसका वर्णन है कि इस व्रत से पिछले जन्मों के पाप भी नष्ट हो जाते हैं।

मुहूर्त और समय:

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 14 मार्च 2026, सुबह 08:10 बजे
  • एकादशी तिथि समापन: 15 मार्च 2026, सुबह 09:16 बजे
  • व्रत का दिन (उदया तिथि): 15 मार्च 2026 (रविवार)
  • पारण समय: 16 मार्च 2026, सुबह 06:30 बजे से 08:54 बजे तक

व्रत का महत्व और लाभ: यह व्रत पाप नाश के लिए विशेष है। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से संतान सुख, शिक्षा में सफलता, आर्थिक संकट दूर होते हैं। मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। यह चैत्र नवरात्रि से पहले की आखिरी एकादशी है, इसलिए होली के बाद नए साल की शुरुआत में पवित्रता लाने के लिए आदर्श है।

पूजा विधि:

  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें, सूर्य को अर्घ्य दें।
  • संकल्प लें और पीले कपड़े पर विष्णु-लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • केसर-हल्दी तिलक, पीले फूल, तुलसी दल अर्पित करें।
  • घी का दीपक, धूप जलाएं। पापमोचनी एकादशी व्रत कथा पढ़ें।
  • आरती करें, फल-मिठाई भोग लगाएं।
  • दान में भोजन, वस्त्र या दक्षिणा दें।
  • व्रत में फलाहार या एक समय भोजन करें। नमक, अनाज, दाल आदि त्यागें।

कामदा एकादशी 2026: तिथि, मुहूर्त और महत्व

कामदा एकादशी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। ‘कामदा’ का अर्थ है मनोकामना पूरी करने वाली। यह व्रत सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रसिद्ध है।

मुहूर्त और समय:

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 28 मार्च 2026, सुबह 08:45 बजे
  • एकादशी तिथि समापन: 29 मार्च 2026, सुबह 07:46 बजे
  • व्रत का दिन: 29 मार्च 2026 (रविवार)
  • पारण समय: 30 मार्च 2026, सुबह 06:14 बजे से 07:09 बजे तक

व्रत का महत्व और लाभ: यह व्रत मनोकामनाओं को पूरा करता है। भगवान विष्णु, तुलसी और गौ माता की पूजा से सुख-शांति, धन-धान्य और पारिवारिक खुशी मिलती है। विशेष रूप से संतान प्राप्ति और वैवाहिक सुख के लिए फलदायी मानी जाती है।

पूजा विधि:

  • शालिग्राम या गोपाल जी की मूर्ति स्थापित करें।
  • ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें।
  • तुलसी की 7 परिक्रमा करें।
  • गौ माता को रोटी-गुड़ खिलाएं।
  • आंवला, पीपल और बरगद की पूजा करें।
  • अन्न या मिठाई का दान दें।
  • व्रत नियम समान – फलाहार या निराहार।

एकादशी व्रत के सामान्य नियम और टिप्स

  • तुलसी दल पहले से तोड़कर रखें, क्योंकि एकादशी पर तुलसी नहीं तोड़ते।
  • ब्रह्मचर्य, क्रोध त्याग और सात्विक विचार रखें।
  • रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन करें।
  • पारण द्वादशी पर शुभ मुहूर्त में करें, फल या पानी से शुरू करें।
  • महिलाएं और पुरुष दोनों व्रत रख सकते हैं।

मार्च 2026 की ये एकादशियां भक्तों के लिए आशीर्वाद स्वरूप हैं। पापमोचनी एकादशी पापों से मुक्ति देती है, जबकि कामदा एकादशी इच्छाओं को पूरा करती है। इन व्रतों से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। भगवान विष्णु की कृपा से सभी सुख प्राप्त हों।

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