बालेन शाह : नेपाल की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा नाम है बालेन शाह (बालेंद्र शाह)। 35 साल के इस युवा नेता ने रैपर और काठमांडू के मेयर के रूप में शुरुआत की, और अब वे नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की सबसे मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। सितंबर 2025 में जेन-जी (Gen Z) के नेतृत्व वाले हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिरा दी, जिसमें 77 लोगों की मौत हुई। इसके बाद बालेन शाह ने युवाओं से कहा, “अब तुम्हारी पीढ़ी को देश चलाना होगा।” दिसंबर 2025 में उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) जॉइन की और पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार बन गए। 5 मार्च 2026 को हुए आम चुनाव में RSP ने शानदार प्रदर्शन किया, और बालेन झापा-5 सीट से ओली के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। कई सर्वे और विश्लेषण उन्हें सबसे लोकप्रिय और मजबूत दावेदार बता रहे हैं।
बालेन शाह का बैकग्राउंड और राजनीतिक उदय
#बालेन शाह एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के बेटे हैं। बचपन से कविता में रुचि थी, जो बाद में रैप म्यूजिक में बदल गई। वे अमेरिकी रैपर्स टुपैक शकुर और 50 सेंट से प्रभावित रहे। नेपाल से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री ली और भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। 2019 में उनका गाना ‘बलिदान’ हिट हुआ, जिसमें उन्होंने नेपाल की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर चुने गए। मेयर रहते हुए उन्होंने सड़कें साफ करने, अवैध निर्माण हटाने और वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस किया, लेकिन रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विवाद भी झेले।

चीन के खिलाफ विवादास्पद बयान
नवंबर 2025 में बालेन शाह के फेसबुक पोस्ट ने तहलका मचा दिया। उन्होंने अमेरिका, भारत, चीन और नेपाल के सभी प्रमुख दलों (UML, कांग्रेस, माओवादी, RSP आदि) के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया: “Fk America, Fk India, Fk China, Fk UML…” पोस्ट बाद में डिलीट कर दी गई, लेकिन स्क्रीनशॉट वायरल हो गए। इससे पहले उन्होंने सिंह दरबार (नेपाल का शासन केंद्र) को आग लगाने की धमकी भी दी थी। चीन के प्रति उनकी यह आक्रामकता नेपाल में चर्चा का विषय बनी, जहां चीन का प्रभाव बढ़ रहा है।
भारत के प्रति बालेन शाह की सोच
- बालेन शाह के भारत के प्रति विचारों पर मिश्रित राय है। उसी विवादित पोस्ट में
- उन्होंने भारत को भी निशाना बनाया था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा है कि उन्होंने पहले ‘ग्रेटर नेपाल’ के
- संदर्भ में उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल को नेपाल का हिस्सा बताया था और बॉलीवुड की आलोचना की थी।
- हालांकि, उनकी पार्टी RSP के उम्मीदवारों और समर्थकों ने स्पष्ट किया है
- कि अगर बालेन प्रधानमंत्री बने तो भारत के साथ मजबूत और सहयोगी संबंध बनाए रखेंगे।
- RSP के एक उम्मीदवार अमरेश सिंह ने कहा, “भारत के साथ सहकार करके नेपाल को आगे बढ़ाएंगे।
- भारत का सहयोग लेकर विकास करेंगे।” बालेन की नीतियां आर्थिक सुधार, रोजगार और भारत के
- साथ ओपन बॉर्डर, ट्रेड और एनर्जी सहयोग पर फोकस करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है
- कि वे प्रैग्मेटिक डिप्लोमेसी अपनाएंगे, न कि पुराने नेताओं जैसी भारत-विरोधी रुख।
- नेपाल-भारत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते मजबूत रहेंगे।
RSP का घोषणापत्र और वादे
RSP का फोकस युवा रोजगार, माइग्रेशन रोकना, प्रति व्यक्ति आय 1,447 से 3,000 डॉलर करना और जीडीपी 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। 12 लाख नई नौकरियां पैदा करने का वादा किया गया है। बालेन की लोकप्रियता सोशल मीडिया पर है – फेसबुक पर 35 लाख, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 10 लाख फॉलोअर्स। वे युवाओं के बीच ‘चेंज मेकर’ के रूप में देखे जाते हैं।
चुनौतियां और आलोचना
- बालेन पर वैभवशाली जीवनशैली (जैसे महंगी लैंड रोवर कार) के आरोप लगे हैं।
- आलोचक कहते हैं कि वे पारंपरिक नेताओं को चुनौती देते हैं, लेकिन खुद भी उसी स्टाइल में आ गए हैं।
- चुनाव परिणाम अभी आ रहे हैं, लेकिन अगर RSP मजबूत हुई तो नेपाल में नई पीढ़ी का शासन शुरू हो सकता है।
बालेन शाह नेपाल की राजनीति में तूफान ला चुके हैं। रैप से राजनीति तक का उनका सफर युवाओं की उम्मीद है। चीन के प्रति आक्रामकता के बावजूद भारत के साथ संतुलित रिश्ते की उम्मीद है। नेपाल का भविष्य अब युवा नेतृत्व के हाथ में है।
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