भारत सरकार का एक्शन भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति को आगे बढ़ाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में सक्रिय 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया है। इन लोगों का संबंध मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य आतंकी संगठनों से बताया गया है। इस कदम को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया गया है, वे लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों, आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, घुसपैठ, हथियारों की आपूर्ति और आतंकी हमलों की साजिशों में शामिल रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन व्यक्तियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं।
UAPA के तहत आतंकवादी घोषित करने का क्या मतलब है?
UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) भारत का प्रमुख आतंकवाद विरोधी कानून है। वर्ष 2019 में इसमें संशोधन कर सरकार को केवल संगठनों ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत रूप से किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित करने का अधिकार दिया गया।
किसी व्यक्ति को इस सूची में शामिल किए जाने के बाद जांच एजेंसियां उसकी संपत्ति जब्त करने, आर्थिक नेटवर्क पर रोक लगाने, हथियारों की आपूर्ति रोकने और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने जैसे कदम उठा सकती हैं।
भारत सरकार का एक्शन किन संगठनों से जुड़े हैं ये आतंकी?
सरकार द्वारा जारी सूची में शामिल अधिकांश आतंकी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से जुड़े बताए गए हैं। इनमें विशेष रूप से:
- जैश-ए-मोहम्मद (JeM)
- लश्कर-ए-तैयबा (LeT)
- कुछ व्यक्तियों के अल-कायदा और ISIS से भी संबंध बताए गए हैं।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
- भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है। सरकार का मानना है
- कि आतंकवादी नेटवर्क केवल हथियारों से नहीं बल्कि आर्थिक संसाधनों
- भर्ती तंत्र और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों से भी संचालित होते हैं।
- 23 आतंकियों को UAPA के तहत सूचीबद्ध करने का उद्देश्य उनके आर्थिक स्रोतों पर रोक लगाना
- उनकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करना है।
कुल कितने आतंकवादी हैं सूची में?
गृह मंत्रालय की नई अधिसूचना के बाद भारत की UAPA सूची में घोषित व्यक्तिगत आतंकवादियों की कुल संख्या 80 हो गई है। इससे पहले भी कई बड़े आतंकियों को इस सूची में शामिल किया जा चुका है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों के वित्तीय नेटवर्क और सहयोगियों पर कार्रवाई करने में अधिक कानूनी शक्ति मिलेगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को और मजबूती से रख सकेगा।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति
- पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं।
- सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना
- और आतंकी फंडिंग रोकना सरकार की प्रमुख रणनीति का हिस्सा रहा है।
- हालिया फैसला उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
23 आतंकवादी UAPA के तहत घोषित करने का फैसला भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य केवल आतंकियों की पहचान करना नहीं, बल्कि उनके आर्थिक और संगठनात्मक नेटवर्क को कमजोर करना भी है। आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियां इन घोषित आतंकवादियों से जुड़े नेटवर्क पर और अधिक सख्ती से कार्रवाई कर सकती हैं।