भारत की विदेश नीति : भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति एक बार फिर चमक रही है। कुछ ही घंटों के अंदर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने भारत की तारीफ की है। पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की प्रशंसा की, ट्रंप ने व्यापार डील की उम्मीद जताई और ईरान ने संकट की घड़ी में समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। यह घटनाक्रम 5 जून 2026 को सुर्खियों में है और भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान को रेखांकित करता है।

ईरान का हार्दिक आभार: संकट में साथ खड़ा रहा भारत
ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने नई दिल्ली के ईरान कल्चर हाउस में एक कार्यक्रम में भावुक होते हुए भारत के लोगों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, “संकट के इस बेहद गंभीर दौर में, जब हम अपने बड़े नेताओं के खोने का शोक मना रहे थे, तब इस पूरे देश के लोग हमारे साथ खड़े रहे। वे हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए, गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। भारत के लोग आगे आए और उन्होंने हमारे दुख को साझा किया।”
पृष्ठभूमि: 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद भारत में बड़े पैमाने पर शोक जुलूस निकाले गए। जम्मू-कश्मीर के शिया समुदाय ने ईरान की मदद के लिए डोनेशन कैंपेन भी चलाया। ईरानी राजदूत ने भारत-ईरान के सभ्यतागत संबंधों को भी याद किया।
यह समर्थन दिखाता है कि भारत संकट में दोस्ती निभाने वाला देश है, चाहे वैश्विक दबाव कुछ भी हो।
पुतिन का भारत को खुला समर्थन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की आर्थिक वृद्धि, स्वतंत्र विदेश नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की भरपूर तारीफ की।
पुतिन ने कहा:
- अमेरिका भारत पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ने सभी दबावों को नाकाम कर दिया।
- रूस-भारत द्विपक्षीय व्यापार जल्द ही 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
- पश्चिमी देश भारत पर रूस के साथ संबंध सीमित करने का दबाव डाल रहे हैं
- लेकिन पीएम मोदी पर दबाव डालना व्यर्थ है।
- भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है।
- पुतिन ने स्पष्ट संदेश दिया कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करेगा।
- यह बयान भारत की “मल्टी-अलाइनमेंट” विदेश नीति की सफलता को दर्शाता है।
ट्रंप बोले – मोदी मेरे अच्छे दोस्त, डील बहुत करीब
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कहा, “हम समझौते तक पहुंच जाएंगे
- क्योंकि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत पसंद करता हूं। वह मेरे अच्छे मित्र हैं। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं।”
- इस सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था और दोनों देशों के बीच अंतरिम
- व्यापार समझौते पर चार दिनों तक बातचीत हुई। ट्रंप का बयान भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई गर्मजोशी का संकेत देता है।
भारत की वैश्विक छवि क्यों मजबूत हो रही है?
- स्वतंत्र विदेश नीति: रूस, अमेरिका और ईरान जैसे विरोधी खेमों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना।
- मानवीय सहायता: ईरान संकट में शोक और मदद दिखाना।
- आर्थिक ताकत: तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था दुनिया को आकर्षित कर रही है।
- रणनीतिक महत्व: QUAD, BRICS और द्विपक्षीय संबंधों का सही मिश्रण।
भारत की विदेश नीति इन बयानों का वैश्विक प्रभाव
ये तारीफें भारत को विश्व मंच पर एक विश्वसनीय और शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करती हैं।
- पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के लिए यह संदेश है कि भारत अलग-थलग नहीं है।
- व्यापार और निवेश: ट्रंप के साथ डील से आर्थिक फायदे।
- ऊर्जा सुरक्षा: ईरान के साथ मजबूत संबंध तेल आयात और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण।
- रूस के साथ: रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग जारी रहेगा।
कुछ घंटों में पुतिन का गुणगान, ट्रंप की दोस्ती और ईरान का थैंक्यू भारत की कूटनीतिक परिपक्वता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत “विश्व गुरु” की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। ये घटनाएं दिखाती हैं कि सही समय पर सही रुख अपनाने से देश की प्रतिष्ठा बढ़ती है।