राजनीति में आने का पछतावा : एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली स्टार एथलीट Swapna Barman इन दिनों चर्चा में हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद मिली हार ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। अब स्वप्ना बर्मन ने राजनीति में आने के फैसले पर खुलकर पछतावा जताया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि राजनीति में इतना दर्द और संघर्ष है, तो वह कभी राजनीति में नहीं आतीं।
स्वप्ना बर्मन का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है। खेल जगत से राजनीति में कदम रखने वाली स्वप्ना की कहानी अब संघर्ष, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव की कहानी बनती जा रही है।

राजनीति में आने का पछतावा कौन हैं स्वप्ना बर्मन?
स्वप्ना बर्मन भारत की मशहूर हेप्टाथलॉन खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2018 Asian Games में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। अपनी मेहनत और संघर्ष की वजह से स्वप्ना देशभर में प्रेरणा का प्रतीक बन गई थीं।
- गरीबी और कठिन परिस्थितियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन
- करने वाली स्वप्ना ने फरवरी 2026 में राजनीति में एंट्री ली और Mamata Banerjee की
- पार्टी TMC जॉइन की। बाद में उन्हें राजगंज विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया।
चुनाव में मिली करारी हार
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में स्वप्ना बर्मन को BJP उम्मीदवार Dinesh Sarkar के
- खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह करीब 21 हजार वोटों से चुनाव हार गईं।
- यह हार उनके राजनीतिक करियर के लिए बड़ा झटका साबित हुई।
- चुनाव हारने के बाद स्वप्ना ने कहा कि राजनीति में आने के बाद उनकी जिंदगी
- में कई मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था
- कि राजनीति इतनी तनावपूर्ण और दर्दभरी हो सकती है।
रेलवे की नौकरी भी गई
- सबसे बड़ी बात यह रही कि चुनाव लड़ने के लिए स्वप्ना बर्मन ने अपनी रेलवे की स्थायी नौकरी छोड़ दी थी।
- अब चुनाव हारने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
- रिपोर्ट्स के अनुसार उनके करीबियों का कहना है कि अब उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी है
- क्योंकि नौकरी और चुनाव दोनों उनके हाथ से निकल चुके हैं।
- स्वप्ना ने राजनीति में पूरी ताकत से एंट्री की थी, लेकिन हार
- के बाद उनकी स्थिति काफी मुश्किल हो गई है।
- यही कारण है कि अब वह अपने फैसले पर अफसोस जता रही हैं।
पैतृक घर में आग लगाने का आरोप
चुनाव हारने के कुछ दिनों बाद स्वप्ना बर्मन के जलपाईगुड़ी स्थित पुराने पैतृक घर में आग लगने की घटना भी सामने आई। स्वप्ना ने आरोप लगाया कि कुछ बदमाशों ने जानबूझकर आग लगाई। इस घटना के बाद वह काफी डर गईं और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वप्ना ने यह भी दावा किया कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं। इस घटना के बाद उन्होंने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी।
खेल करियर पर भी असर
राजनीति में आने और चुनावी व्यस्तता का असर स्वप्ना बर्मन के खेल करियर पर भी पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार वह एशियन गेम्स के क्वालीफाइंग राउंड में हिस्सा नहीं ले पाईं। इससे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर भी खतरा मंडराने लगा है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि स्वप्ना जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को राजनीति से ज्यादा अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए था। सोशल मीडिया पर भी कई लोग यही कह रहे हैं कि देश को अभी भी उनसे खेल के मैदान में बड़ी उम्मीदें हैं।
राजनीति और खेल पर छिड़ी बहस
- स्वप्ना बर्मन के मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि खिलाड़ियों को राजनीति में आना चाहिए
- या नहीं। कई खिलाड़ियों ने राजनीति में सफलता हासिल की है, लेकिन कुछ लोगों का मानना है
- कि राजनीति का दबाव खेल करियर को प्रभावित कर सकता है।
- स्वप्ना बर्मन की कहानी इस समय सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है।
- कुछ लोग उनके फैसले के समर्थन में हैं, जबकि कुछ का कहना है कि उन्हें खेल पर फोकस करना चाहिए था।
- एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट स्वप्ना बर्मन का राजनीति में आने का फैसला फिलहाल उनके
- लिए मुश्किलों भरा साबित हुआ है। चुनाव हारने, नौकरी छूटने और आर्थिक संकट के बीच उन्होंने
- खुलकर अपना दर्द बयान किया है। अब देखने वाली बात होगी कि स्वप्ना आगे
- राजनीति में सक्रिय रहती हैं या फिर दोबारा पूरी तरह खेल की दुनिया में वापसी करती हैं।
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