ट्रंप का बड़ा ऐलान : 17 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पाकिस्तान की प्रशंसा करते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई शांति समझौता होता है और वह इस्लामाबाद में साइन होता है, तो वह खुद पाकिस्तान जा सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जमकर तारीफ की। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) की समयसीमा समाप्त होने वाली है और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
#ट्रंप ने व्हाइट हाउस के लॉन पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अगर इस्लामाबाद में समझौते पर दस्तखत होते हैं, तो मैं वहां जा सकता हूं। पाकिस्तान मुझे बहुत चाहता है और उनके अधिकारी चाहते हैं कि मैं वहां आऊं।” उन्होंने आगे कहा कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर बहुत अच्छे हैं और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी बहुत अच्छे हैं। ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका को “बहुत शानदार” और “रचनात्मक” बताया।

ट्रंप का बड़ा ऐलान पाकिस्तान पर प्यार क्यों?
#ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में बेहतरीन काम कर रहा है। उन्होंने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को “फैंटास्टिक” और “बहुत अच्छा काम कर रहे” बताया। यह दूसरी बार नहीं है जब ट्रंप ने आसिम मुनीर की तारीफ की हो। इससे पहले भी उन्होंने पाकिस्तानी आर्मी चीफ को “एक्स्ट्राऑर्डिनरी” व्यक्ति करार दिया था।
- #ट्रंप का यह बयान नेवादा और एरिजोना की यात्रा के दौरान आया। उन्होंने कहा
- कि ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन शायद जरूरत न पड़े
- क्योंकि ईरान “लगभग सब कुछ” मानने को तैयार है। ट्रंप ने दावा किया
- कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने पर भी सहमत हो गया है।
पाकिस्तान की डिप्लोमेसी का जोर
- पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत इस्लामाबाद में कराने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है।
- फील्ड मार्शल आसिम मुनीर खुद इस मुद्दे पर सक्रिय हैं। बुधवार को वे तेहरान पहुंचे
- जहां उन्होंने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ से मुलाकात की।
- मुनीर के नेतृत्व में उच्चस्तरीय डेलिगेशन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी मिला।
इससे पहले पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत हुई थी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में हुई इस बैठक में कोई समझौता नहीं हो सका। मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम था। ईरान परमाणु गतिविधियों पर रोक लगाने को तैयार नहीं दिख रहा था।
अब पाकिस्तान दूसरे दौर की वार्ता के लिए जोर लगा रहा है। आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। पाकिस्तान चाहता है कि बातचीत फिर इस्लामाबाद में हो।
आसिम मुनीर कौन हैं?
- फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पाकिस्तान के आर्मी चीफ हैं। हाल के वर्षों में वे न सिर्फ पाकिस्तान
- की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था में मजबूत भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय डिप्लोमेसी
- में भी उभरकर सामने आए हैं। ट्रंप ने उन्हें कई मौकों पर सराहा है।
- मुनीर की तेहरान यात्रा इस्लामाबाद की डिप्लोमेटिक कोशिशों को नई दिशा दे रही है।
अमेरिका-ईरान तनाव का बैकग्राउंड
अमेरिका और ईरान के बीच हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ा था। दोनों देशों के बीच सीधा युद्ध छिड़ने की आशंका थी। पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश की। पहला सीजफायर दो हफ्ते का था, जिसकी समयसीमा जल्द खत्म होने वाली है।
ट्रंप का दावा है कि युद्ध “बहुत जल्द खत्म” होने वाला है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में बड़ा विकास देखने को मिल सकता है।
भारत के लिए क्या मायने रखता है?
- पाकिस्तान की इस सक्रिय डिप्लोमेसी और ट्रंप की तारीफ से भारत में भी चर्चा हो रही है।
- पाकिस्तान खुद को क्षेत्रीय शांति का दूत बताने की कोशिश कर रहा है
- जबकि भारत हमेशा पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाता रहा है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका-ईरान डील इस्लामाबाद में होती है
- तो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत हो सकती है।
- ट्रंप ने पहले भी दावा किया था कि पाकिस्तान की मदद से उन्होंने भारत-पाकिस्तान
- के बीच संभावित युद्ध रोका था, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था।
आगे क्या?
- ट्रंप के बयान से साफ है कि अगर डील इस्लामाबाद में साइन होती है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति
- पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं। यह पाकिस्तान के लिए बड़ी डिप्लोमेटिक जीत होगी।
- फिलहाल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा के नतीजे का इंतजार है।
- अगर ईरान दूसरे दौर की बातचीत के लिए तैयार होता है, तो इस्लामाबाद फिर से चर्चा में आएगा।
ट्रंप का यह बयान अमेरिका-ईरान तनाव को कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत दे रहा है, लेकिन अंतिम फैसला दोनों देशों के बीच बातचीत पर निर्भर करेगा।
डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान जाने का ऐलान और आसिम मुनीर-शहबाज शरीफ की तारीफ ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान इस मौके को अपने डिप्लोमेटिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। देखना होगा कि अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।