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हिमंत सरमा योगी हमला योगी आदित्यनाथ के पीछे भागते हैं क्या ये लोग बस मेरे पीछे क्यों? असम CM हिमंत बिस्वा सरमा का तीखा हमला!

On: April 16, 2026 4:03 AM
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हिमंत सरमा योगी हमला : 16 अप्रैल 2026 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पत्रकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीखा बयान दिया। एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कुछ पत्रकार मुख्यमंत्री के सम्मान का ख्याल नहीं रखते और उन पर दबाव डालते हैं। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर कहा – “आप क्या योगी आदित्यनाथ के पीछे ऐसे भाग सकते हो? आपने देवेंद्र फडणवीस के पीछे किसी को भागते हुए देखा है? कोई नहीं भागता ऐसे।”

यह बयान असम विधानसभा चुनाव के ठीक बाद आया है, जहां मतदान हो चुका है और 4 मई 2026 को मतगणना होनी है। हिमंत सरमा का यह हमला मीडिया की “सिलेक्टिव” कवरेज और कुछ पत्रकारों की आक्रामकता पर केंद्रित है।

हिमंत सरमा योगी हमला बयान
हिमंत सरमा योगी हमला को लेकर दिया गया तीखा बयान

हिमंत सरमा योगी हमला का पूरा बयान क्या था?

एबीपी न्यूज से बातचीत में जब हिमंत बिस्वा सरमा से पूछा गया कि वे हाल में कई पत्रकारों को “हड़काते” नजर आए, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया:

“मेरा कहना है कि आप एक मुख्यमंत्री के साथ सम्मान से पेश आएं। क्योंकि मैं असम की जनता का गौरव लेकर चलता हूं। तो कोई ऐसे मेरे पास आकर बूम हिलाकर बात करते हैं, तो इसे मैं स्वीकार नहीं करता हूं।”

उन्होंने आगे कहा:

  • “मैं नेशनल चैनलों को यही बोलता हूं कि मैं भले ही छोटे से राज्य का मुख्यमंत्री हूं
  • लेकिन मेरे साथ सम्मान से पेश आएं।”
  • “मुझे कोई भी इंटरव्यू करे, कितना भी इरिटेटिंग सवाल पूछे, लेकिन पहले
  • अपॉइंटमेंट लेकर। आप आओ, आराम से बैठें, मैं आपको चाय पिलाऊंगा। फिर जो मन में है पूछ लीजिए।”
  • “लेकिन आप मेरी मीटिंग में आकर झुनझुना लगाकर जबरदस्ती बात करना चाहेंगे, तो इसके लिए मैं सहमत नहीं हूं।”

सरमा ने दावा किया कि चुनाव के दौरान दो चैनलों ने उनके साथ बदतमीजी की थी, जिसके जवाब में उन्होंने कानूनी भाषा का इस्तेमाल किया।

योगी आदित्यनाथ और फडणवीस का जिक्र क्यों?

जब पत्रकारों ने कहा कि वे पब्लिक फिगर हैं और उनके पीछे आना स्वाभाविक है, तब हिमंत सरमा ने तीखा जवाब दिया:

“आप क्या योगी आदित्यनाथ के पीछे ऐसे भाग सकते हो? आपने देवेंद्र फडणवीस के पीछे किसी को भागते हुए देखा? कोई नहीं भागता ऐसे। सिद्धारमैया के पीछे कोई भागते हैं? नहीं भागते हैं।”

उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि “ये असम का सीएम है, हम बड़े नेशनल टीवी के हैं” इसलिए उनके साथ जो मर्जी कर सकते हैं। यह अप्रोच उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं है।

क्या है पूरा विवाद?

  • असम चुनाव के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा कई बार पत्रकारों से नाराज नजर आए।
  • कुछ इंटरव्यू में वे आक्रामक सवालों पर भड़क गए और पत्रकारों को “हड़काते” दिखे।
  • अब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।

वे बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों (योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस) की तुलना में छोटे राज्य असम के सीएम होने के बावजूद सम्मान की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि मीडिया की “पीछे भागने” वाली संस्कृति सिलेक्टिव है और छोटे राज्यों के नेताओं के साथ भेदभाव करती है।

हिमंत सरमा का राजनीतिक संदेश

  • हिमंत बिस्वा सरमा असम में मजबूत छवि वाले नेता हैं। वे असम की संस्कृति, पहचान
  • और विकास पर लगातार जोर देते हैं। इस बयान के जरिए उन्होंने न केवल मीडिया
  • की कार्यशैली पर सवाल उठाया, बल्कि क्षेत्रीय गौरव को भी मजबूत किया।
  • उन्होंने साफ कहा – “मैं असम की जनता का गौरव लेकर चलता हूं।” यह बयान असम के लोगों
  • को यह संदेश देता है कि उनका मुख्यमंत्री दिल्ली या मुंबई के बड़े चैनलों के सामने नहीं झुकता।

मीडिया और राजनीति का रिश्ता: उठते सवाल

यह विवाद एक बार फिर मीडिया और नेताओं के बीच तनाव को उजागर करता है। कई राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि:

  • कुछ पत्रकार आक्रामकता को “जांच” का नाम देते हैं।
  • वहीं नेता सम्मान और प्रोटोकॉल की मांग करते हैं।
  • बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों (खासकर योगी आदित्यनाथ) की सुरक्षा और
  • प्रोटोकॉल इतना मजबूत होता है कि पत्रकार आसानी से उनके पीछे नहीं भाग सकते।
  • छोटे राज्यों में मीडिया को ज्यादा “एक्सेस” मिल जाता है, जो कभी-कभी बदतमीजी में बदल जाता है।

हिमंत सरमा का बयान इस असमानता पर चोट करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इंटरव्यू के लिए अपॉइंटमेंट लेकर, शांति से बैठकर बात की जाए।

असम चुनाव और इसका असर

  • असम विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान पूरा हो चुका है। हिमंत बिस्वा सरमा भाजपा के प्रमुख चेहरे हैं
  • और पार्टी की जीत में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। ऐसे में उनका यह बयान चुनावी
  • माहौल में मीडिया पर नियंत्रण और सम्मान की मांग के रूप में देखा जा रहा है।
  • कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पहले ही हिमंत पर हमला बोल चुके हैं (पवन खेड़ा विवाद के बाद)।
  • अब यह बयान नए बहस का विषय बन सकता है।

हिमंत बिस्वा सरमा का बयान साफ संदेश देता है – मुख्यमंत्री कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। चाहे वह असम का हो या उत्तर प्रदेश का, सम्मान मिलना चाहिए। योगी आदित्यनाथ का जिक्र करके उन्होंने यह इशारा किया कि बड़े नेताओं के साथ मीडिया सतर्क रहता है, लेकिन छोटे राज्यों के साथ नहीं।

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