मार्च 2026 विवाह मुहूर्त : विवाह हिंदू संस्कृति में सबसे पवित्र संस्कारों में से एक है। शुभ मुहूर्त में शादी करने से दांपत्य जीवन सुखमय, स्थिर और समृद्ध होता है। हिंदू ज्योतिष और पंचांग के अनुसार तिथि, नक्षत्र, लग्न और योग का विशेष महत्व होता है। साल 2026 में जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है, लेकिन मार्च में शादी का सीजन शुरू होता है। लाइव हिंदुस्तान के अनुसार मार्च 2026 में कुल 8 शुभ तिथियां हैं, जहां विवाह के लिए बेहतरीन मुहूर्त बन रहे हैं। हालांकि, 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा, जो अप्रैल के मध्य तक चलेगा। इस दौरान कोई मंगल कार्य या शादी नहीं की जाती।
मार्च 2026 की शुभ विवाह तिथियां!

हिंदू पंचांग और ज्योतिष गणना के आधार पर मार्च में ये तिथियां विवाह के लिए अत्यंत शुभ मानी गई हैं:
- 2 मार्च 2026 (सोमवार) – मघा नक्षत्र, चतुर्दशी तिथि (दोपहर से शाम तक मुहूर्त)
- 3 मार्च 2026 (मंगलवार) – पूर्वाफाल्गुनी/मघा नक्षत्र, पूर्णिमा तिथि (सुबह के मुहूर्त)
- 4 मार्च 2026 (बुधवार) – उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, प्रतिपदा तिथि (सुबह 7:39 से 8:50 तक प्रमुख मुहूर्त)
- 7 मार्च 2026 (शनिवार) – स्वाती नक्षत्र, चतुर्थी/पंचमी तिथि (सुबह 11:16 से अगले दिन तक)
- 8 मार्च 2026 (रविवार) – स्वाती नक्षत्र, पंचमी तिथि (सुबह 6:55 से 7:04 तक)
- 9 मार्च 2026 (सोमवार) – अनुराधा नक्षत्र, षष्ठी तिथि (शाम 4:14 से रात 11:27 तक)
- 11 मार्च 2026 (बुधवार) – मूल नक्षत्र, नवमी तिथि (सुबह 4:41 से 12 मार्च सुबह 6:51 तक)
- 12 मार्च 2026 (गुरुवार) – मूल नक्षत्र, नवमी तिथि (सुबह 6:54 से 9:59 तक)
ये तिथियां विभिन्न पंचांगों (द्रिक पंचांग, गणेशास्पीक्स, एस्ट्रोसेज आदि) से मिलान पर आधारित हैं। मुहूर्त समय अलग-अलग शहरों के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, इसलिए स्थानीय पंडित से सटीक लग्न और समय जरूर जांच लें।
खरमास कब से और क्यों महत्वपूर्ण?
15 मार्च 2026 से खरमास (या खरमास) लग जाएगा। यह सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ शुरू होता है और अप्रैल के मध्य तक रहता है। खरमास में सूर्य कमजोर मानी जाती है, इसलिए कोई शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि नहीं किए जाते। खरमास खत्म होने के बाद अप्रैल से फिर शादी का सीजन शुरू होगा।
फरवरी 2026 में सावधानी
फरवरी में कुछ मुहूर्त (21, 24, 25, 26) हैं, लेकिन होलाष्टक (होली से 8 दिन पहले) शुरू होने के कारण पंडित जी सलाह देते हैं कि इनमें सावधानी बरतें। होलाष्टक में भी मंगल कार्य वर्जित माने जाते हैं।
विवाह मुहूर्त चुनने के टिप्स
- पंडित से परामर्श: कुंडली मिलान, लग्न शुद्धि और व्यक्तिगत कुंडली देखकर मुहूर्त निकालें।
- नक्षत्र और तिथि: मघा, स्वाती, अनुराधा जैसे नक्षत्र शुभ होते हैं।
- अशुभ योग से बचें: विष योग, पंचक आदि से दूर रहें।
- परिवार की सहमति: मुहूर्त परिवार और दोनों पक्षों की सहमति से चुनें।
2026 में शादी की प्लानिंग कर रहे जोड़ों के लिए मार्च पहला बड़ा मौका है। इन 8 तिथियों में से अपनी पसंद की डेट जल्दी बुक कर लें, क्योंकि अच्छे वेन्यू और कैटरर्स जल्दी भर जाते हैं। शुभ मुहूर्त में विवाह करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। याद रखें, ज्योतिष केवल मार्गदर्शन है—अंतिम फैसला आपका और आपके परिवार का होता है।
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