ओडिया सेलेब मौत : ओडिया संगीत जगत में एक युग का अंत हो गया है। प्रसिद्ध ओडिया प्लेबैक सिंगर गीता पटनायक का रविवार शाम को ब्रेन स्ट्रोक के इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 73 वर्ष की थीं। कटक के एक निजी अस्पताल में इलाजरत गीता पटनायक को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। उनके भाई ससुर प्रबोध पटनायक ने यह दुखद जानकारी दी। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को घर लाया गया जहां अंतिम संस्कार हुआ। ओडिया संगीत की इस मधुर आवाज ने दशकों तक लाखों दिलों को छुआ था। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी, करियर, मौत के कारण और श्रद्धांजलि की पूरी कहानी।
मौत का कारण और घटनाक्रम – ब्रेन स्ट्रोक ने छीना जीवन
गीता पटनायक 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को भुवनेश्वर में एक साहित्यिक उत्सव (लिटरेरी फेस्ट) में शामिल होने गई थीं। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन में कई क्लॉट्स बन गए, जिससे ब्रेन स्ट्रोक आ गया। उन्हें पहले कैपिटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, फिर प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया जहां आईसीयू में इलाज चला। डॉक्टरों ने रिकवरी की कोई गारंटी नहीं दी थी। रविवार शाम करीब 6:18 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह ओडिशा संगीत के लिए अपूरणीय क्षति है।

ओडिया सेलेब मौत गीता पटनायक का करियर – ओडिया संगीत की मशहूर आवाज
गीता पटनायक 1970 के दशक से ओडिया फिल्म और संगीत इंडस्ट्री में सक्रिय थीं। उन्हें ओडिया संगीत की आइकॉनिक वॉयस कहा जाता था। उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज हर घर में पहुंची। वे विशेष रूप से दिग्गज ओडिया सिंगर अक्षय मोहंती के साथ कई गाने गाने के लिए जानी जाती थीं।
- उनका एक प्रसिद्ध गाना फिल्म जजाबर से “फुर किना उड़िगला बानी” है, जो आज भी लोकप्रिय है।
- दशकों तक उन्होंने ओडिया फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग की और कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।
- उनकी आवाज में एक खास जादू था जो भावनाओं को सीधे दिल तक पहुंचाता था।
- ओडिया संस्कृति और कला को बढ़ावा देने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
बड़े नेताओं और सेलेब्स की श्रद्धांजलि
गीता पटनायक के निधन पर ओडिशा और देश भर से श्रद्धांजलि का सैलाब उमड़ पड़ा। कुछ प्रमुख बयान:
- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी (एक्स पर): “प्रसिद्ध गायिका गीता पटनायक
- के निधन की खबर से बहुत दुख हुआ। ओडिशा के संगीत और संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। परिवार को गहरी संवेदना। भगवान जगन्नाथ दिवंगत आत्मा को शांति दें।”
- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान: “गीता पटनायक ने ओडिया संगीत में विशेष जगह बनाई।
- ओडिशा की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने में उनका योगदान अतुलनीय है।
- उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
- बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक: उनकी मधुर आवाज हर
- ओडिया घर पहुंची थी और उनके गाने हमेशा याद रहेंगे।
फैंस और कलाकारों ने सोशल मीडिया पर दुख जताया। कई ने लिखा कि ओडिया संगीत का एक युग खत्म हो गया।
विरासत – हमेशा जिंदा रहेगी आवाज
- गीता पटनायक की मौत ओडिया संगीत के लिए बड़ा झटका है। उनकी गायकी ने ओडिशा की
- सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया। उनके गाने आज भी रेडियो, यूट्यूब और उत्सवों में बजते हैं।
- वे उन चुनिंदा कलाकारों में से थीं जिनकी आवाज पीढ़ियों को जोड़ती है।
- यह घटना हमें याद दिलाती है कि स्वास्थ्य का कितना ख्याल रखना जरूरी है, खासकर बुजुर्गों में।
- ब्रेन स्ट्रोक जैसे मामलों में समय पर इलाज महत्वपूर्ण होता है।