मेरठ में इंटरफेथ मैरिज : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक इंटरफेथ मैरिज (हिंदू-मुस्लिम शादी) का मामला गरमा गया है। गंगानगर निवासी हिंदू युवती आकांक्षा की मुस्लिम युवक शाहवेज से 13 फरवरी 2026 को पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में होने वाली शादी फिलहाल टल गई है। हिंदूवादी संगठनों के विरोध, लव जेहाद के आरोप और पुलिस की सख्ती के कारण यह विवाह स्थगित हो गया। पुलिस ने महापंचायत भी नहीं होने दी और प्रमुख हिंदूवादी नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया।
क्या है पूरी घटना?
आकांक्षा ने नवंबर 2025 में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत एडीएम कार्यालय में आवेदन किया था, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने कार्ड छपवाकर 13 फरवरी को शादी का ऐलान किया। कार्ड पर दूल्हे का नाम साहिल छपा था, जबकि असली नाम शाहवेज है। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हिंदू संगठनों ने इसे लव जेहाद और धर्मांतरण का मामला बताकर विरोध शुरू कर दिया।

युवती के चाचा ने गंगानगर थाने में शाहवेज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाए गए कि शाहवेज ने लव जेहाद के जरिए आकांक्षा को फंसाया और धर्म बदलने का दबाव बनाया। मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच शुरू हो गई।
महापंचायत और पुलिस की कार्रवाई
हिंदू संगठनों जैसे अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन और हिंदू रक्षा दल ने पैराडाइज व्यू रिसोर्ट के बाहर महापंचायत बुलाई थी। इसमें लव जेहाद और धर्मांतरण के मुद्दे पर चर्चा होनी थी। प्रमुख नेता सचिन सिरोही (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन) और भूपेंद्र चौधरी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिंदू रक्षा दल) शामिल होने वाले थे।
- लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया कि महापंचायत की अनुमति नहीं है और इसे होने नहीं दिया जाएगा।
- एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
- हिंदूवादी नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। रिसोर्ट मालिक सतीश मंगा ने बुकिंग कैंसिल कर दी
- और कहा कि कोई विवादित आयोजन नहीं होगा। मेरठ मंडप एसोसिएशन के महामंत्री
- विपुल सिंघल ने भी शादी निरस्त होने की पुष्टि की।
आकांक्षा का बयान और नया मोड़
आकांक्षा ने गंगानगर थाने में बयान दर्ज कराया कि शादी अब निरस्त हो गई है। उसने कहा:
- वह बौद्ध धर्म मानती है और हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं।
- शाहवेज से बात नहीं हो रही।
- पुलिस से मदद मांगी, लेकिन इंकार मिला।
वहीं, सचिन सिरोही ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर कहा कि युवती के घर में माता की चौकी और पूजा की वीडियो हैं, जो बौद्ध धर्म से मेल नहीं खातीं। शाहवेज सोशल मीडिया पर सक्रिय है और कमेंट कर रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं की।
दोनों पक्षों की स्थिति
- हिंदू संगठन: इसे लव जेहाद बताकर शादी रोकने का दावा। युवती के परिवार पर दबाव का आरोप।
- शाहवेज: सोशल मीडिया पर सक्रिय, लेकिन पुलिस कार्रवाई से बचा हुआ।
- पुलिस: मुकदमा दर्ज, जांच जारी। कानून व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस। महापंचायत और शादी दोनों रोकी गईं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऐसे इंटरफेथ मैरिज केस में अक्सर लव जेहाद, धर्मांतरण जैसे आरोप लगते हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसे मामलों में पुलिस सतर्क रहती है और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देती है। यह घटना सोशल मीडिया और संगठनों के दबाव से तेजी से बढ़ी, लेकिन पुलिस की सख्ती से टल गई।
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