किरेन रिजिजू : संसद बजट सत्र में हंगामा! किरेन रिजिजू ने दावा किया कि 20-25 कांग्रेस MPs ने स्पीकर ओम बिरला के चेंबर में जाकर गालियां दीं। स्पीकर आहत, अविश्वास प्रस्ताव पर विवाद तेज। पूरी खबर पढ़ें।
संसद के बजट सत्र 2026 में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 20 से 25 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चेंबर में जबरन घुसकर उनके साथ गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार किया। रिजिजू ने कहा कि वे खुद उस समय मौके पर मौजूद थे और स्पीकर इस घटना से बहुत आहत हैं।
घटना का पूरा संदर्भ क्या है?
रिजिजू ने पत्रकारों से कहा, “कम से कम 20-25 कांग्रेस के MPs स्पीकर साहब के चेंबर में घुसे और उनके साथ गाली-गलौज किया, बुरा-भला कहा। मैं भी वहां गया था। स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो और कठोर कदम उठाए जा सकते थे।” उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे और वे सांसदों को उकसा रहे थे। रिजिजू ने इसे संसदीय मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह घटना अभूतपूर्व है और लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल उठाती है।

यह विवाद बजट सत्र के दौरान सदन में जारी हंगामे से जुड़ा है। कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन चलाते हैं। 2 फरवरी को राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने का पूरा समय नहीं दिया गया। 3 फरवरी को 8 कांग्रेस सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
- विपक्ष ने ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस सौंपी, जिस पर कांग्रेस
- समाजवादी पार्टी, DMK समेत करीब 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नोटिस में स्पीकर
- पर पद का दुरुपयोग, विपक्ष को दबाने और झूठे आरोप लगाने का इल्जाम है।
- स्पीकर ने नोटिस की जांच के आदेश दिए हैं और जांच पूरी होने
- तक सदन की अध्यक्षता नहीं करने का फैसला किया है।
रिजिजू ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की अनुमति नहीं चाहिए। मंत्री ने याद दिलाया कि सदन में चेयर (स्पीकर) की अनुमति के बिना कोई भी सदस्य बोल नहीं सकता, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हो।
कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया?
- अभी तक कांग्रेस या विपक्ष की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।
- हालांकि, विपक्ष लगातार स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है और अविश्वास प्रस्ताव
- को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। यह घटना संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ते
- टकराव को दर्शाती है, जहां नियमों और परंपराओं का पालन एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
संसदीय मर्यादा पर सवाल
- संसद भारत की लोकतंत्र की मिसाल है, लेकिन हाल के दिनों में हंगामा
- निलंबन और ऐसे आरोप आम हो गए हैं।
- किरेन रिजिजू का यह बयान दिखाता है कि सत्ता पक्ष स्पीकर का बचाव कर रहा है
- जबकि विपक्ष उन्हें जवाबदेह ठहराना चाहता है। क्या यह घटना सदन की कार्यवाही पर असर डालेगी?
- क्या अविश्वास प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई होगी? ये सवाल अभी अनुत्तरित हैं।
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