पीएम आवास योजना : प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-जी) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत लाखों आवास स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ जनपद अंतर्गत हरगवां ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने पीएम आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। यह मामला योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी को उजागर कर रहा है।
क्या है पूरी घटना?
ग्रामीणों के अनुसार, 2024-25 वित्तीय वर्ष में स्वीकृत आवासों की राशि का दुरुपयोग किया गया। पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ने हितग्राहियों से जानकारी लेकर उनकी आईडी से अंगूठा लगवाकर स्वीकृत राशि निकाल ली। इससे कई हितग्राहियों के घरों का निर्माण शुरू ही नहीं हो सका। आरोप है कि बिना किसी कार्य के लगभग 90 हाजिरी का फर्जी मास्टर रोल तैयार कर भुगतान निकाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव लंबे समय से पद पर हैं और पहले भी ऐसी शिकायतें हो चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने शिकायत में लिखा है कि “आवास निर्माण के लिए स्वीकृत राशि को पंचायत सचिव व रोजगार सहायक द्वारा अंगूठा लगवाकर हितग्राहियों की आईडी से निकाल लिया।” उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना की स्थिति
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़े लक्ष्य रखे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने 18 लाख आवास स्वीकृत किए, जिनमें से कई की पहली किस्त जारी हो चुकी है। 2025-26 में बलौदाबाजार-भाटापारा जैसे जिलों में 26 हजार से ज्यादा आवास स्वीकृत किए गए हैं। केंद्र सरकार ने राज्य को 8.40 लाख आवास पूर्ण करने की समयसीमा दी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा करना है।
हालांकि, राज्य में अनियमितताओं की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। अंबिकापुर, गरियाबंद और अन्य जिलों में भी फर्जी लाभार्थियों, पैसे मांगने या निर्माण न होने की शिकायतें आईं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी अनियमितता पर कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
योजना की जानकारी और पात्रता
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पात्र परिवारों को 1.30 लाख रुपये तक की सहायता मिलती है
- जिसमें मनरेगा से अतिरिक्त 25 हजार तक का रोजगार। योजना में लाभार्थी सूची pmayg.nic.in
- पर चेक की जा सकती है। पात्रता में हाल ही में बदलाव आए हैं
- अब आय 15,000 रुपये तक वाले, टू-व्हीलर या रेफ्रिजरेटर वाले भी पात्र हो सकते हैं।
ग्रामीणों की शिकायत क्यों महत्वपूर्ण?
- यह शिकायत योजना की साख पर सवाल उठाती है। अगर जांच में आरोप सिद्ध हुए
- तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। इससे अन्य जिलों में पारदर्शिता बढ़ेगी
- और लाभार्थी आवास प्लस 2024 ऐप के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
- पीएम आवास योजना गरीबों के लिए वरदान है, लेकिन इसे भ्रष्टाचार से मुक्त रखना जरूरी है।
- हरगवां ग्रामीणों की शिकायत पर जिला प्रशासन को तुरंत जांच करनी चाहिए।
- सरकार की निगरानी से यह योजना और प्रभावी बनेगी। यदि आप भी योजना से जुड़े हैं
- या आवेदन करना चाहते हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट चेक करें और शिकायत के लिए हेल्पलाइन का उपयोग करें।