2026 आईटी क्रैश : शेयर बाजार में आज (13 फरवरी 2026) आईटी सेक्टर के निवेशकों के लिए मुश्किल दिन रहा। आईटी स्टॉक्स में भारी गिरावट देखी गई, जिसे कई विश्लेषक “ब्लैक फ्राइडे” की तरह बता रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी बढ़ती चिंताओं ने भारतीय और वैश्विक टेक शेयरों पर भारी दबाव डाला है। इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे बड़े नामों में 3% से 7% तक की गिरावट दर्ज की गई।
आईटी सेक्टर में आज क्या हुआ?
निफ्टी आईटी इंडेक्स पिछले सत्र में ही 5.5% टूट चुका था और आज भी दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में:
- इंफोसिस: 7.37% गिरावट
- टीसीएस: 5.47% नीचे
- एचसीएल टेक्नोलॉजीज: 4.94% गिरा
- टेक महिंद्रा: 3.41% का नुकसान
पिछले एक सप्ताह में निफ्टी आईटी 7% और इस साल अब तक 13% से ज्यादा गिर चुका है। वैश्विक स्तर पर भी अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली का दौर जारी रहा, जहां इंफोसिस के ADR में 9.84% और विप्रो के ADR में 4.6% की गिरावट आई।

2026 आईटी क्रैश AI फियर क्यों बढ़ रहा है? मुख्य कारण
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब आईटी सर्विस कंपनियों के लिए “सहायक” से ज्यादा “खतरा” बनता जा रहा है। बड़ी टेक कंपनियां जैसे अमेजन, गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट एआई पर भारी निवेश कर रही हैं। अनुमान है कि ये कंपनियां मिलकर 650 अरब डॉलर तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेंगी। लेकिन समस्या यह है कि इतना बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर होने के बावजूद रिटर्न और मुद्रीकरण (मॉनेटाइजेशन) की अनिश्चितता बनी हुई है।
इससे मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है और सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम में बड़े बदलाव की आशंका है। निवेशक डर रहे हैं कि एआई टूल्स पारंपरिक आईटी सर्विसेज की जगह ले लेंगे, जिससे आउटसोर्सिंग डिमांड घट सकती है। वैश्विक स्तर पर “मैग्निफिसेंट सेवन” स्टॉक्स भी लाल निशान में बंद हुए:
- एप्पल: 5% गिरावट
- एनवीडिया: 1.61%
- अमेजन: 2.25%
- माइक्रोसॉफ्ट: 0.63%
अमेरिकी सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में पिछले कुछ दिनों में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
भारतीय आईटी कंपनियों पर असर
भारतीय आईटी सेक्टर मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप से क्लाइंट्स पर निर्भर है। वैश्विक टेक में कमजोरी का सीधा असर यहां पड़ रहा है। एआई के तेज विकास से क्लाइंट्स अब अपने काम को इन-हाउस या नए एआई टूल्स से करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे आईटी सर्विसेज की डिमांड पर सवाल उठ रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
यह “ब्लैक फ्राइडे” जैसा दिन निवेशकों के लिए चेतावनी है। शॉर्ट टर्म में आईटी स्टॉक्स में और दबाव रह सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां रिकवर कर सकती हैं। निवेशकों को सलाह है कि:
- पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन करें
- एआई से जुड़ी नई टेक्नोलॉजी कंपनियों पर नजर रखें
- मार्केट सेंटिमेंट और ग्लोबल न्यूज पर अपडेट रहें
एआई का दौर तेजी से बदल रहा है। जहां एक तरफ यह नई संभावनाएं ला रहा है, वहीं पुराने बिजनेस मॉडल्स के लिए चुनौती भी बन रहा है। भारतीय आईटी सेक्टर को अब एआई को अपनाने और नए स्किल्स डेवलप करने की जरूरत है, ताकि यह डर की बजाय अवसर में बदल सके।