सायोनी घोष पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद और युवा नेता सायोनी घोष ने लगभग एक महीने की चुप्पी के बाद सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर क्षेत्र में हुई दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बातचीत करने की जानकारी साझा की।
सायोनी घोष ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की व्यक्तिगत निगरानी की जा रही है, आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है तथा विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

क्या है पूरा मामला?
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद उसका शव बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
- इसी दौरान भीड़ ने हत्या और दुष्कर्म के आरोपी बताए जा रहे
- एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है
- और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से क्या हुई बातचीत?
सायोनी घोष ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सीधे बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि:
- पूरे मामले की व्यक्तिगत निगरानी की जा रही है।
- विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है।
- आरोपियों की गिरफ्तारी जारी है।
- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया
- और उम्मीद जताई कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलेगी।
पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का भरोसा
- सायोनी घोष ने कहा कि बारुईपुर क्षेत्र की सांसद होने के नाते उनकी पहली जिम्मेदारी
- पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना है। उन्होंने बताया कि वह इस पूरे मामले को लिखित
- रूप से मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगी और परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगी।
- उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं में राजनीति से
- ऊपर उठकर मानवता के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
मॉब लिंचिंग का भी किया विरोध
- अपने बयान में सायोनी घोष ने केवल अपराध की निंदा ही नहीं की
- बल्कि मॉब लिंचिंग का भी कड़ा विरोध किया।
- उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेना उचित नहीं है।
- यदि कोई अपराध हुआ है तो उसका फैसला अदालत और कानून के माध्यम से होना चाहिए, न कि भीड़ द्वारा।
- उन्होंने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की हिंसा या तनाव की स्थिति न बने।
सायोनी घोष राजनीति से आगे बढ़कर न्याय की मांग
- इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि महिलाओं
- और बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज और प्रशासन को और अधिक सतर्क होने की आवश्यकता है।
- सायोनी घोष का बयान इस बात पर जोर देता है कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय
- मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्याय केवल कानून के दायरे में रहकर ही संभव है।
बारुईपुर की यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। सायोनी घोष द्वारा एक महीने बाद चुप्पी तोड़ना और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सीधे बातचीत करना इस मामले को गंभीरता से लेने का संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।