सायोनी घोष ताजा खबर : पश्चिम बengal की राजनीति में एक बार फिर सायोनी घोष चर्चा में हैं। टीएमसी सांसद सायोनी घोष, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान ‘दिल में काबा और आंखों में मदीना’ वाला गाना गाया था, अब उसी का जवाब ‘हृदय में राम, नयन में कृष्ण’ वाले गाने से मिल रहा है। BJP की जीत के बाद सोशल मीडिया पर उनकी बुरी तरह ट्रोलिंग हो रही है।

सायोनी घोष का विवादित गाना
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान टीएमसी सांसद सायोनी घोष (जादवपुर सीट से) ने चुनावी रैली में एक गाना गाया था — “दिल में काबा और आंखों में मदीना”। यह गाना तेजी से वायरल हुआ, लेकिन विवाद भी खड़ा हो गया।
कई लोगों ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति का उदाहरण बताया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि टीएमसी मुस्लिम वोट बैंक को लक्ष्य करके हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है। ममता बनर्जी की सरकार पर पहले से ही सांप्रदायिक राजनीति के आरोप लगते रहे हैं, और इस गाने ने आग में घी डाल दिया।
BJP का करारा जवाब
- BJP की भारी जीत (207 सीटें) के बाद अब पलटा उलट गया है।
- भाजपा की एक रैली में एक महिला समर्थक ने बांग्ला में गाना गाया
- “हृदय में राम, नयन में कृष्ण”। यह गाना स्पष्ट रूप से सायोनी घोष के गाने का जवाब था।
वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बंगाल की जानी-मानी भाजपा समर्थक सुनंदा आचार्य ने इसे सबसे पहले शेयर किया। वीडियो में शुभेंदु अधिकारी के पोस्टर भी दिख रहे हैं। लोग कमेंट में लिख रहे हैं — “बंगाल में राम राज्य आ गया है”, “जैसे को तैसा” और “जय श्री राम”।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: TMC की करारी हार
- इस घटना का बैकग्राउंड पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 है, जिसमें भाजपा ने ममता बनर्जी की
- टीएमसी को भारी शिकस्त दी। टीएमसी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। BJP के इस प्रचंड बहुमत ने पूरे देश में चर्चा पैदा की।
- सायोनी घोष जैसे चेहरों के विवादित बयानों और गानों को इस हार का एक कारण माना जा रहा है।
- कई विश्लेषक कह रहे हैं कि धर्म की राजनीति ने टीएमसी को नुकसान पहुंचाया।
सायोनी घोष ताजा खबर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का तूफान
#सायोनी घोष पर ट्रोलिंग का सिलसिला जारी है। यूजर्स लिख रहे हैं:
- “पहले काबा-मदीना, अब हार के बाद राम-कृष्ण?”
- “राजनीति में धर्म का इस्तेमाल उल्टा पड़ गया”
- “बंगाल की जनता ने जवाब दे दिया”
कुछ लोग तो उन्हें बॉयकॉट करने की बात भी कर रहे हैं।
टीएमसी पर संकट के बादल
- BJP नेता सौमित्र खान का दावा है कि TMC के करीब 20 सांसद उनके संपर्क में हैं
- और पाला बदल सकते हैं। हालांकि TMC ने इन दावों को खारिज किया है।
- ममता बनर्जी की पार्टी इस समय टूटने की कगार पर नजर आ रही है।
समान नागरिक संहिता और सांप्रदायिक सद्भाव की बहस
यह विवाद UCC (Uniform Civil Code) की चर्चा के बीच आया है, जहां कई राज्य असम, उत्तराखंड और गुजरात UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बंगाल में भी अब हिंदू-मुस्लिम सद्भाव और वोट बैंक की राजनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीति में धर्म का इस्तेमाल
सायोनी घोष का मामला एक बार फिर साबित करता है कि चुनावी राजनीति में धर्म को हथियार बनाना कितना खतरनाक हो सकता है। “दिल में काबा” वाला गाना TMC के लिए बोझ बन गया, जबकि “हृदय में राम” वाला जवाब BJP के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
Read More : UCC बिल तुलना असम उत्तराखंड और गुजरात के UCC बिल में क्या अंतर है? पूरी तुलना!