ममता बनर्जी : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 5 जनवरी 2026 को अपना 71वां जन्मदिन मनाया। ‘दीदी’ के नाम से मशहूर ममता बनर्जी भारतीय राजनीति की एक अनोखी मिसाल हैं। वे देश की इकलौती ऐसी महिला नेता हैं, जिन्होंने खुद अपनी पार्टी गठित की और उसी पार्टी से मुख्यमंत्री बनीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र की कामना की।
ममता बनर्जी कौन हैं?
#ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को कोलकाता में एक साधारण बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी और मां गायत्री बनर्जी थे। मात्र 17 साल की उम्र में पिता का निधन हो गया, जिसके बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। फिर भी ममता ने हार नहीं मानी। उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन, इस्लामिक हिस्ट्री में एमए और लॉ की डिग्री हासिल की।
वे एक कुशल चित्रकार और लेखिका भी हैं। अब तक दो दर्जन से ज्यादा किताबें लिख चुकी हैं, जिनमें ‘स्लॉटर ऑफ डेमोक्रेसी’ और ‘स्ट्रगल फॉर एग्जिस्टेंस’ प्रमुख हैं।

राजनीतिक सफर: संघर्ष से सत्ता तक
ममता बनर्जी का राजनीतिक करियर 1970 के दशक में शुरू हुआ। वे कांग्रेस में शामिल हुईं और जल्दी ही युवा कांग्रेस की नेता बनीं। 1984 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया। उन्होंने कई बार केंद्रीय मंत्री का पद संभाला जैसे रेल मंत्री और कोयला मंत्री।
1997 में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना की। यह कदम ऐतिहासिक था, क्योंकि वे इकलौती महिला हैं जिन्होंने खुद की पार्टी बनाई और सत्ता हासिल की। अन्य महिला सीएम जैसे जयललिता, मायावती या राबड़ी देवी ने मौजूदा पार्टियों की विरासत संभाली।
- 2011 में TMC ने 34 साल पुरानी लेफ्ट फ्रंट सरकार को हराकर सत्ता हासिल की।
- ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद 2016 और 2021 में लगातार
- जीत हासिल की। मई 2026 तक वे भारत की सबसे लंबे समय तक सेवा करने
- वाली महिला मुख्यमंत्री बन जाएंगी, शीला दीक्षित को पीछे छोड़ते हुए।
उपलब्धियां और लोकप्रिय योजनाएं
ममता बनर्जी की सरकार ने महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए कई योजनाएं चलाईं:
- कन्याश्री: लड़कियों की शिक्षा और विवाह के लिए आर्थिक मदद।
- रूपश्री: गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता।
- लक्ष्मीर भंडार: महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता।
- दुआरे सरकार: सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का अभियान।
- स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार।
उनकी सादगी मशहूर है – सफेद साड़ी और हवाई चप्पल उनकी पहचान हैं। वे अविवाहित हैं और पूरी जिंदगी राजनीति को समर्पित कर दी।
2026 जन्मदिन पर खास बधाइयां
इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं।” यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। TMC कार्यकर्ताओं ने पूरे बंगाल में जन्मदिन समारोह आयोजित किए।
- हालांकि उम्र को लेकर कभी विवाद हुआ था – ममता ने खुद कहा था
- कि स्कूल रिकॉर्ड में पिता ने 5 साल ज्यादा लिखवा दिए थे
- लेकिन आधिकारिक तौर पर 71 साल ही माने जाते हैं।
- ममता बनर्जी भारतीय राजनीति में महिलाओं की मजबूती का प्रतीक हैं।
- उनका संघर्षपूर्ण सफर लाखों लोगों को प्रेरित करता है।
- आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण होगी।