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भारत अमेरिका से दोगुनी LPG खरीदेगा, खाड़ी देशों पर निर्भरता होगी कम ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

On: July 6, 2026 5:25 AM
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भारत अमेरिका भारत सरकार अब रसोई गैस (LPG) के आयात को लेकर नई रणनीति पर काम कर रही है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई में आई रुकावटों के बाद भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का फैसला किया है। इसी दिशा में सरकारी तेल कंपनियां अमेरिका से एलपीजी (LPG) के आयात को दोगुना करने की तैयारी कर रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करना और भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट के दौरान देश में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

भारत अमेरिका
भारत अमेरिका ने ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से LPG आयात दोगुना करने की तैयारी की है।

आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?

कुछ समय पहले पश्चिम एशिया में युद्ध और समुद्री मार्गों पर संकट के कारण खाड़ी देशों से आने वाली LPG सप्लाई प्रभावित हुई थी। इससे भारत सहित कई देशों के सामने गैस आपूर्ति की चुनौती खड़ी हो गई थी। हालांकि इस दौरान अमेरिका से लगातार गैस की आपूर्ति होने के कारण भारत में बड़े स्तर पर LPG संकट नहीं आया।

  • इस अनुभव के बाद भारत ने फैसला किया कि केवल एक क्षेत्र पर निर्भर रहना
  • भविष्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए अब आयात के स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दिया जा रहा है।

अमेरिका से कितनी बढ़ेगी LPG खरीद?

रिपोर्ट्स के अनुसार भारत वर्तमान में अमेरिका से लगभग 22 लाख टन (2.2 मिलियन टन) LPG का वार्षिक आयात करता है। अब इस मात्रा को लगभग दोगुना करने की योजना बनाई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को कई फायदे मिलेंगे—

  • ऊर्जा आपूर्ति अधिक सुरक्षित होगी।
  • किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम होगी।
  • वैश्विक संकट के समय गैस की उपलब्धता बनी रहेगी।
  • आयात के बेहतर विकल्प मिलने से भविष्य में लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

अमेरिका कैसे बना भारत का बड़ा LPG सप्लायर?

  • 2025 तक भारत के कुल LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी काफी कम थी।
  • लेकिन भारत और अमेरिका के बीच हुए दीर्घकालिक समझौतों तथा पश्चिम एशिया
  • में उत्पन्न संकट के बाद अमेरिकी सप्लाई तेजी से बढ़ी।
  • युद्ध के दौरान जब खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित हुई, तब अमेरिका
  • ने लगातार LPG उपलब्ध कराई। इसी कारण अमेरिकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी
  • और भारत के लिए यह एक भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आया।

भारत अमेरिका सिर्फ अमेरिका पर भी नहीं रहेगा भरोसा

भारत केवल अमेरिका पर निर्भर रहने की योजना नहीं बना रहा है। सरकार ऊर्जा आयात को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अन्य देशों से भी LPG खरीदने के विकल्प तलाश रही है।

संभावित देशों में शामिल हैं—

  • अल्जीरिया
  • अर्जेंटीना
  • नाइजीरिया
  • मलेशिया

इस रणनीति का उद्देश्य किसी भी एक देश या क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता से बचना है।

सरकार बना रही है रणनीतिक LPG रिजर्व

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को

अतिरिक्त 30 दिनों का रणनीतिक LPG भंडार (Strategic Reserve) तैयार करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए हैं।

पहले से मौजूद स्टॉक के अतिरिक्त यह रिजर्व भविष्य में किसी आपूर्ति संकट की स्थिति में देशभर में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद करेगा।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं—

  • गैस की उपलब्धता अधिक स्थिर रहेगी।
  • अंतरराष्ट्रीय संकट का असर घरेलू बाजार पर कम पड़ेगा।
  • सप्लाई बाधित होने की संभावना घटेगी।
  • लंबे समय में बेहतर प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

हालांकि घरेलू LPG की कीमतें केवल आयात पर ही निर्भर नहीं करतीं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार, परिवहन लागत, सरकारी नीतियां और सब्सिडी जैसी कई अन्य बातें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भारत का अमेरिका से LPG आयात बढ़ाने का निर्णय केवल व्यापारिक समझौता नहीं बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करके भारत भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट के दौरान अपने नागरिकों को बेहतर और निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है। साथ ही कई देशों से आयात बढ़ाने और रणनीतिक गैस भंडार तैयार करने की योजना भारत को ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर तथा सुरक्षित बनाएगी।

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