ट्रंप और मैक्रों विवाद : अमेरिका और फ्रांस के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि फ्रांस अमेरिकी टेक कंपनियों पर लगाया गया डिजिटल टैक्स (Tech Tax) वापस नहीं लेता है, तो अमेरिका फ्रांस से आयात होने वाली वाइन और शैंपेन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकता है। इस बयान के बाद वैश्विक व्यापार जगत और फ्रांस के वाइन उद्योग में चिंता बढ़ गई है।

क्या है पूरा मामला?
फ्रांस ने वर्ष 2019 में एक डिजिटल सेवा कर (Digital Services Tax) लागू किया था। यह टैक्स उन बड़ी टेक कंपनियों पर लगाया जाता है जो फ्रांस में डिजिटल सेवाओं के माध्यम से बड़ा राजस्व कमाती हैं। इस टैक्स का सबसे अधिक प्रभाव गूगल, अमेज़न, मेटा और एप्पल जैसी अमेरिकी कंपनियों पर पड़ता है। फ्रांस का कहना है कि बड़ी टेक कंपनियों को भी स्थानीय अर्थव्यवस्था में उचित कर देना चाहिए।
हालांकि अमेरिका लंबे समय से इस टैक्स का विरोध करता रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह कर विशेष रूप से अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाता है और यह व्यापारिक दृष्टि से अनुचित है।
ट्रंप और मैक्रों विवाद ट्रंप ने क्या कहा?
- रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को साफ संदेश दिया है
- कि यदि फ्रांस अमेरिकी कंपनियों पर 3 प्रतिशत डिजिटल टैक्स जारी रखता है
- तो अमेरिका के पास फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
- ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब जी-7 (G7) देशों की बैठक फ्रांस में आयोजित हो रही है
- और वैश्विक नेताओं के बीच व्यापार एवं आर्थिक मुद्दों पर चर्चा चल रही है।
फ्रांस के वाइन उद्योग पर क्या होगा असर?
- फ्रांस दुनिया के सबसे बड़े वाइन और शैंपेन उत्पादक देशों में से एक है।
- अमेरिका फ्रांस के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है। यदि अमेरिका वास्तव में 100 प्रतिशत टैरिफ लागू करता है
- तो फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन की कीमतें अमेरिकी बाजार में काफी बढ़ जाएंगी।
- विशेषज्ञों का मानना है कि इससे फ्रांस के वाइन उत्पादकों और निर्यातकों को भारी नुकसान हो सकता है।
- फ्रांस के वाइन उद्योग से जुड़े संगठनों ने भी इस धमकी पर चिंता जताई है
- और दोनों देशों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
पहले भी दे चुके हैं ऐसी चेतावनी
- यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने फ्रांस के खिलाफ वाइन टैरिफ की धमकी दी हो।
- इससे पहले भी वे फ्रांसीसी वाइन और अन्य यूरोपीय उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने की चेतावनी दे चुके हैं।
- अतीत में अमेरिका और यूरोप के बीच डिजिटल टैक्स और व्यापारिक नीतियों को लेकर कई बार तनाव देखने को मिला है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं होता है
- तो यह विवाद अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के व्यापारिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव!
अमेरिका और फ्रांस दोनों वैश्विक अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध जैसी स्थिति बनने पर इसका असर केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा।
- वाइन और शैंपेन के अलावा अन्य उत्पादों पर भी शुल्क बढ़ने की आशंका हो सकती है।
- इससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है और निवेशकों की चिंता भी बढ़ सकती है।
- व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकालना चाहिए।
फ्रांस के डिजिटल टैक्स को लेकर अमेरिका और फ्रांस के बीच एक नया व्यापारिक विवाद सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि फ्रांस अमेरिकी टेक कंपनियों पर लगाया गया टैक्स नहीं हटाता, तो फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत और फैसले वैश्विक व्यापार की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस विवाद पर बनी हुई है।