झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के दावे और रणनीतियां भी चर्चा का विषय बन रही हैं। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने दावा किया है कि उसे केवल 56 नहीं बल्कि 61 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जिससे राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और भी रोचक हो गया है।

#झारखंड विधानसभा का वर्तमान गणित
#झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। वर्तमान में सत्तारूढ़ INDIA गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जिनमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, RJD के 4 और CPI(ML) के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं NDA के पास 24 विधायक हैं और एक विधायक अन्य दल से संबंधित है।
- राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में संख्या बल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- सामान्य परिस्थितियों में INDIA गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या दिखाई देती है
- लेकिन राजनीतिक समीकरणों और संभावित क्रॉस वोटिंग ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।
JMM का बड़ा दावा
- JMM नेताओं का कहना है कि गठबंधन को 56 नहीं बल्कि 61 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
- पार्टी का दावा है कि कुछ अतिरिक्त विधायक भी उनके पक्ष में मतदान कर सकते हैं।
- इस दावे ने NDA की रणनीति को चुनौती दी है और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि JMM का दावा सही साबित होता है तो राज्यसभा चुनाव में INDIA गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती है। हालांकि NDA भी अपनी ओर से पूरी ताकत लगा रहा है और अतिरिक्त समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहा है।
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 NDA की रणनीति और परिमल नाथवानी की एंट्री
- इस चुनाव में NDA समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी ने मुकाबले
- को और रोचक बना दिया है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चाएं हो रही हैं।
- भाजपा और NDA को उम्मीद है कि उन्हें कुछ अतिरिक्त वोट मिल सकते हैं
- जिससे चुनाव में बड़ा उलटफेर संभव हो सकता है।
- परिमल नाथवानी पहले भी झारखंड से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
- उनकी राजनीतिक पहुंच और विभिन्न दलों के नेताओं से संबंधों को देखते हुए
- NDA उन्हें मजबूत उम्मीदवार मान रहा है।
क्रॉस वोटिंग का बना हुआ है खतरा
- राज्यसभा चुनाव में सबसे बड़ी चर्चा क्रॉस वोटिंग को लेकर है। विभिन्न राजनीतिक दल
- अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं। कई रिपोर्टों में यह भी सामने आया है
- कि दल अपने विधायकों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं
- ताकि किसी प्रकार की टूट-फूट या दबाव की स्थिति से बचा जा सके।
JMM और कांग्रेस दोनों ही अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं NDA भी दावा कर रहा है कि कुछ विधायक अंतरात्मा की आवाज पर मतदान कर सकते हैं। यही कारण है कि चुनाव परिणाम को लेकर अभी कोई भी पक्ष पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखाई दे रहा।
छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका
- इस चुनाव में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- RJD, CPI(ML) और अन्य दलों के विधायकों का समर्थन अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
- राजनीतिक दल लगातार इन विधायकों से संपर्क बनाए हुए हैं और अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
क्या होगा चुनाव का परिणाम?
फिलहाल झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 पूरी तरह रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक ओर JMM 61 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर NDA अपने उम्मीदवार की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है। राजनीतिक समीकरण, क्रॉस वोटिंग की संभावना और छोटे दलों की भूमिका चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकती है।
आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि JMM का 61 विधायकों वाला दावा कितना मजबूत है और NDA अपनी रणनीति में कितना सफल होता है। फिलहाल इतना तय है कि झारखंड का यह राज्यसभा चुनाव देश के सबसे दिलचस्प राजनीतिक मुकाबलों में से एक बन चुका है।