कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) इस बार कई मायनों में अलग होने जा रहे हैं। सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि क्रिकेट को इस बार प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया गया है। इसके साथ ही बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती, शूटिंग और कई अन्य लोकप्रिय खेलों को भी बाहर कर दिया गया है। इस फैसले से खासकर भारत जैसे देशों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि इन खेलों में भारत का प्रदर्शन हमेशा शानदार रहा है।
आइए जानते हैं कि आखिर क्रिकेट को क्यों हटाया गया और कौन-कौन से खेल इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं होंगे।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रिकेट क्यों नहीं है?
#कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेजबानी स्कॉटलैंड के ग्लासगो (Glasgow) शहर में हो रही है। आयोजन समिति ने सीमित बजट और कम समय में प्रतियोगिता आयोजित करने के कारण इस बार खेलों की संख्या कम कर दी है।
क्रिकेट कॉमनवेल्थ गेम्स का स्थायी खेल नहीं है। इसे पहली बार 1998 में शामिल किया गया था और फिर 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला टी-20 क्रिकेट की वापसी हुई थी। लेकिन 2026 में आयोजन को छोटा रखने के लिए क्रिकेट को कार्यक्रम से हटा दिया गया।
इन 9 बड़े खेलों को भी किया गया बाहर
क्रिकेट के अलावा इस बार कई लोकप्रिय खेल भी कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं होंगे।
इन प्रमुख खेलों को हटाया गया है:
- क्रिकेट
- हॉकी
- बैडमिंटन
- शूटिंग
- कुश्ती
- टेबल टेनिस
- स्क्वैश
- तीरंदाजी (Archery)
- ट्रायथलॉन
- इन खेलों को हटाने का मुख्य कारण आयोजन का बजट कम रखना
- और प्रतियोगिता को सीमित स्वरूप में आयोजित करना बताया गया है।
इस बार कितने खेल होंगे?
बर्मिंघम 2022 में कुल 19 खेल आयोजित किए गए थे, जबकि ग्लासगो 2026 में केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं।
मुख्य खेल होंगे:
- Athletics
- Swimming
- Boxing
- Judo
- Weightlifting
- Netball
- Basketball 3×3
- Cycling (Track)
- Artistic Gymnastics
- Lawn Bowls
आयोजन समिति का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
भारत को कितना होगा नुकसान?
भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन, कुश्ती, शूटिंग, हॉकी और क्रिकेट जैसे खेलों में लगातार पदक जीतता रहा है।
इन खेलों के बाहर होने से भारत के संभावित पदकों की संख्या पर असर पड़ सकता है। खासकर महिला क्रिकेट, बैडमिंटन और कुश्ती में भारत मजबूत दावेदार माना जाता था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत की मेडल टैली में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
क्या भविष्य में क्रिकेट की वापसी होगी?
- कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलों का चयन मेजबान शहर और आयोजन समिति की
- योजना पर भी निर्भर करता है। इसलिए भविष्य के संस्करणों में क्रिकेट की वापसी संभव है।
- इसके अलावा क्रिकेट को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में शामिल किया जा चुका है
- जिससे इस खेल की वैश्विक लोकप्रियता और बढ़ने की उम्मीद है।
- ऐसे में आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भी क्रिकेट की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आयोजन समिति ने क्या कहा?
आयोजन समिति के अनुसार, ग्लासगो ने कम समय में मेजबानी की जिम्मेदारी संभाली है। इसी वजह से लागत कम रखने और आयोजन को सफल बनाने के लिए केवल सीमित खेलों को शामिल किया गया है।
उनका कहना है कि यह फैसला किसी एक खेल के खिलाफ नहीं बल्कि आयोजन को व्यावहारिक और आर्थिक रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रिकेट समेत 9 प्रमुख खेलों का बाहर होना खेल प्रेमियों के लिए निराशाजनक खबर है। खासकर भारत जैसे देशों को इससे पदकों के लिहाज से बड़ा नुकसान हो सकता है। हालांकि आयोजन समिति का कहना है कि सीमित बजट और कम समय के कारण यह फैसला लेना जरूरी था। अब सभी की नजर भविष्य के कॉमनवेल्थ गेम्स पर होगी कि क्या क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय खेल दोबारा इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनते हैं।
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