सोनम वांगचुक ताजा खबर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोगों को भूख हड़ताल पर नहीं बैठना चाहिए, क्योंकि यह लड़ाई लंबी चलने वाली है और सभी का स्वस्थ रहना जरूरी है।

क्या बोले अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को लंबे समय तक अनशन करने का अनुभव है, इसलिए वे स्वयं अपनी स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। लेकिन छात्रों और अन्य समर्थकों को अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में शामिल सभी लोग भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे तो आंदोलन का संचालन कौन करेगा? इसलिए आंदोलन को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि अधिकतर लोग स्वस्थ रहें और संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालें।
छात्रों की सेहत को लेकर जताई चिंता
- दीपके ने अपने बयान में छात्रों की सेहत को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है
- कि आंदोलन केवल कुछ दिनों का नहीं बल्कि लंबे समय तक चल सकता है।
- ऐसे में यदि सभी लोग अनशन करेंगे तो उनकी तबीयत खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा।
- उन्होंने लोगों से अपील की कि आंदोलन में अपनी भूमिका निभाएं, लेकिन स्वास्थ्य को
- नजरअंदाज न करें। आंदोलन तभी सफल होगा जब उसके कार्यकर्ता पूरी तरह सक्रिय और स्वस्थ रहेंगे।
सोनम वांगचुक की सेहत पर बढ़ी चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, लगातार अनशन की वजह से सोनम वांगचुक की सेहत पर असर पड़ रहा है। बताया गया है कि उनका वजन कम हुआ है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। समर्थकों ने भी सरकार से उनकी मांगों पर जल्द ध्यान देने की अपील की है।
हालांकि, इसके बावजूद सोनम वांगचुक आंदोलन जारी रखने के अपने फैसले पर कायम हैं।
एक दिन के अनशन की भी की गई अपील
- कुछ दिन पहले सोनम वांगचुक ने आंदोलन में शामिल समर्थकों से अपील की थी
- कि जो लोग उनके साथ नहीं बैठ सकते, वे कम से कम एक दिन का प्रतीकात्मक उपवास रखें।
- उनका मानना है कि इससे आंदोलन के प्रति समर्थन भी दिखाई देगा और लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
सोनम वांगचुक ताजा खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
अभिजीत दीपके का यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि आंदोलन में केवल भावनाओं से नहीं बल्कि रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि आंदोलन में हर व्यक्ति को अपनी इच्छा से भाग लेने का अधिकार है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
आंदोलन क्यों है चर्चा में?
- यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहा है।
- प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही
- सुनिश्चित करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
- सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा सुधार और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
- यही कारण है कि उनके आंदोलन को देशभर से समर्थन भी मिल रहा है।
सोनम वांगचुक का अनशन लगातार राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच अभिजीत दीपके की यह अपील आंदोलन के एक अलग पहलू को सामने लाती है। उनका कहना है कि आंदोलन की सफलता के लिए केवल अनशन ही नहीं, बल्कि संगठन, रणनीति और कार्यकर्ताओं का स्वस्थ रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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