राजस्थान सरकार उपलब्धियां : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 दिसंबर 2025 को अपनी सरकार के दो साल पूरे होने पर एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जारी किया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भाजपा के चुनावी वादों का 70% पूरा हो चुका है। राजस्थान अब 11 राष्ट्रीय योजनाओं में पहला, 5 में दूसरा और 9 में तीसरा स्थान हासिल कर चुका है। सीएम शर्मा ने कहा कि पिछले दो सालों में 392 संकल्पों में से 274 पूरे हो चुके हैं या प्रगति पर हैं, जबकि 73% घोषणाएं लागू हो चुकी हैं। सरकार ने 28 से अधिक नीतियां लागू की हैं, जिससे पारदर्शी और सतत विकास सुनिश्चित हुआ है।
सरकार के प्रमुख दावे और उपलब्धियां
भजनलाल शर्मा ने पूर्व कांग्रेस सरकार की तुलना में अपनी सरकार की उपलब्धियों को बेहतर बताया। मुख्य बिंदु:
- ईआरसीपी परियोजना: पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को प्राथमिकता दी गई। 26,000 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर जारी किए गए। इस परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। हरियाणा के साथ एमओयू साइन कर शेखावटी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
- बिजली उत्पादन: बिजली क्षमता में भारी बढ़ोतरी। पिछले कांग्रेस सरकार के 5 सालों में 3,952 मेगावाट बढ़ी, जबकि भाजपा के 2 सालों में 6,363 मेगावाट।

- सिंचाई और कृषि: कांग्रेस के 5 सालों में 52,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा, जबकि भाजपा ने 85,000 हेक्टेयर। फार्म पॉन्ड्स: कांग्रेस ने 29,430 बनाए, भाजपा ने 35,368। किसानों को गेहूं पर बोनस दिया गया – 2024-25 में 125 रुपये और 2025-26 में 150 रुपये प्रति क्विंटल।
- स्टार्टअप और इनोवेशन: iStart प्लेटफॉर्म पर 7,200 से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड, जिनमें 2,600 महिलाओं के नेतृत्व वाले। हजारों नौकरियां सृजित। 333 स्टार्टअप्स को 10.79 करोड़ रुपये वितरित।
- अन्य क्षेत्र: पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई, एसआईटी गठित। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस। विकास रथों के माध्यम से जनता तक पहुंच।
- सीएम शर्मा ने कहा, “हमने दो साल में वो कर दिखाया जो कांग्रेस ने पांच साल में नहीं किया।
- युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनाना हमारा लक्ष्य है।”
कांग्रेस का पलटवार: दावे भ्रामक और झूठे
- विपक्षी कांग्रेस ने सरकार के रिपोर्ट कार्ड को पूरी तरह खारिज कर दिया।
- नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा
- ने इसे “भ्रामक” और “ड्रामा” बताया। मुख्य आरोप:
- अधूरे वादे: गेहूं पर 2,700 रुपये एमएसपी नहीं दिया। बाजरा खरीद एमएसपी पर नहीं हुई।
- पेट्रोल-डीजल पर वैट गुजरात-हरियाणा स्तर का नहीं घटाया।
- नौकरियां: 2.5 लाख नौकरियों का कैलेंडर नहीं जारी। युवा निराश हैं।
- स्वास्थ्य: चिरंजीवी योजना की कवरेज 25 लाख से घटाकर 5 लाख की।
- आरजीएचएस स्कीम कमजोर, 400 से अधिक अस्पताल पैनल से हटे।
- अन्य: लोकतंत्र को नौकरशाही में बदला। जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं।
डोटासरा ने कहा, “सरकार के दो साल ड्रामा, असफलता और वादाखिलाफी से भरे हैं। हर क्षेत्र में राजस्थान पीछे खिसक गया है।”
राजनीतिक संदर्भ
- भजनलाल सरकार 15 दिसंबर को दो साल पूरे कर रही है। हाल ही में अंतरा उपचुनाव
- में भाजपा की हार ने पार्टी में चर्चा बढ़ाई है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की पीएम मोदी से
- मुलाकात भी सुर्खियां बटोर रही है। सरकार जिलों में विकास रथ
- और 15 दिन के अभियान से उपलब्धियां जनता तक पहुंचा रही है।
- राजस्थान भाजनलाल सरकार दो साल रिपोर्ट कार्ड पर सियासी घमासान जारी है।
- एक तरफ भाजपा विकास की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस जनता की निराशा गिना रही है।
- आने वाले दिनों में यह बहस और तेज हो सकती है।