महेंद्र सिंह धोनी : भारतीय क्रिकेट के ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर अपना मजबूत पक्ष रखा है। 4 फरवरी 2026 को खेल प्रसारक जतिन सप्रू के साथ दिए इंटरव्यू में धोनी ने विराट कोहली (37 वर्ष) और रोहित शर्मा (38 वर्ष) के 2027 वनडे विश्व कप खेलने की संभावना पर साफ कहा कि उम्र कोई मापदंड नहीं है, प्रदर्शन और फिटनेस ही मायने रखते हैं। धोनी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों सितारे टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं और उनके भविष्य को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
धोनी ने क्या कहा विराट-रोहित पर?
इंटरव्यू में जब जतिन सप्रू ने रोहित और विराट के 2027 विश्व कप खेलने की संभावना पर सवाल किया, तो धोनी ने पहले मजाकिया अंदाज में पूछा, “माफ कीजिए, सवाल क्या है?” फिर गंभीर होकर बोले, “क्यों नहीं? किसी को विश्व कप क्यों नहीं खेलना चाहिए? मेरे लिए उम्र कोई मापदंड नहीं है। मेरे लिए प्रदर्शन और फिटनेस ही मापदंड हैं।”

धोनी ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि किसी को कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि सबके साथ एक जैसा व्यवहार किया जाएगा।” उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा, “जब मैंने पदार्पण किया तब मैं 24 साल का था। किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा और अब जब मैं 10 साल या 20 साल से भारत के लिए खेल रहा हूं, तो किसी को आकर मेरी उम्र के बारे में बताने की जरूरत नहीं है।”
44 साल के धोनी, जो अभी भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे हैं, ने अनुभव की अहमियत पर जोर दिया। “आपको अनुभवी खिलाड़ी नहीं मिल सकते। 20 साल का कोई अनुभवी खिलाड़ी नहीं मिल सकता, जब तक कि वह सचिन तेंदुलकर जैसा न हो।” उन्होंने कहा कि दबाव में खेलने का असली अनुभव 80-85 मैचों के बाद आता है, जहां खिलाड़ी अपनी भावनाओं को काबू करना सीखता है।
चयन में सिर्फ एक मानदंड: प्रदर्शन और फिटनेस
- धोनी ने साफ किया कि चयनकर्ताओं को किसी खिलाड़ी के बारे में कोई सवाल नहीं उठाना चाहिए।
- “अगर कोई अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और फिट है, तो खेलना जारी रखिए। अगर फिट नहीं है
- या अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा, तो आप उसे किसी भी समय बाहर कर सकते हैं।”
- उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति को इशारा करते हुए
- कहा कि सभी खिलाड़ियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
यह बयान विराट और रोहित के समर्थकों के लिए राहत की बात है, क्योंकि दोनों ने हाल के वर्षों में शानदार फॉर्म दिखाया है। विराट कोहली वनडे में लगातार रन बना रहे हैं, जबकि रोहित कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी में योगदान दे रहे हैं। धोनी का मानना है कि अगर वे देश के लिए खेलने की इच्छा रखते हैं और परफॉर्म करते हैं, तो उन्हें रोकने का कोई कारण नहीं।
टी20 विश्व कप 2026 पर भी धोनी की राय
इंटरव्यू में धोनी ने आगामी टी20 विश्व कप 2026 (7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम “सबसे खतरनाक टीमों में से एक” है। टीम में हर चीज मौजूद है – अनुभव, स्किल और दबाव में खेलने की क्षमता। लेकिन एक चिंता जताई – ओस। धोनी ने कहा, “मुझे ओस से बहुत नफरत है। ओस से टॉस बहुत अहम हो जाता है।” उन्होंने खिलाड़ियों से चोट से बचने और अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
क्रिकेट फैंस के लिए क्या मतलब?
- धोनी का यह बयान क्रिकेट जगत में एक नया बहस छेड़ सकता है। क्या विराट और रोहित 2027 विश्व कप
- में भारत की अगुवाई करेंगे? या युवा खिलाड़ी उनका स्थान लेंगे? लेकिन ‘कैप्टन कूल’
- का संदेश साफ है – क्रिकेट में उम्र नहीं, परफॉर्मेंस बोलती है। फैंस अब इंतजार करेंगे
- कि क्या दोनों सितारे धोनी की बात को साबित करते हुए 2027 में मैदान पर उतरेंगे।