पंजाब बनेगा खालिस्तान : पंजाब और चंडीगढ़ में सोमवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आई है। खालिस्तान नेशनल आर्मी नामक संगठन की ओर से धमकी भरे ईमेल भेजे गए, जिसमें साफ कहा गया कि “पंजाब अब खालिस्तान बनेगा”। इन ईमेल्स में जालंधर और चंडीगढ़ के कई स्कूलों, फिरोजपुर कोर्ट कॉम्प्लेक्स, पंजाब यूनिवर्सिटी के गांधी भवन, मेयर ऑफिस, सेक्रेटेरिएट और पंजाब भाजपा मुख्यालय को बम या ग्रेनेड से उड़ाने की धमकी दी गई है।
इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, डीजीपी गौरव यादव, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ईमेल में 14 अप्रैल को अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।

धमकी भरे ईमेल में क्या लिखा था?
सुबह करीब 8 बजे जालंधर के तीन प्रमुख स्कूलों — डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एमजीएन स्कूल — को ईमेल मिला। ईमेल में लिखा था — “अपने बच्चों को बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा।” स्कूलों में 1:11 बजे और 2:11 बजे बम धमाके की धमकी दी गई।
चंडीगढ़ के सेक्टर-41, 32, 47 और 45 के स्कूलों को भी समान धमकी मिली। पंजाब यूनिवर्सिटी के गांधी भवन में रात 9:11 बजे ग्रेनेड हमले की चेतावनी दी गई। ईमेल में खालिस्तानी नारे भी शामिल थे — “देह शिवा बर मोहे शुरू करो और जन-गण-मन बंद करो”।
ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी बताया है। इसमें साफ लिखा था कि “खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं हैं, हम हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से बनेगा।”
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
- धमकी मिलते ही पूरा प्रशासन अलर्ट हो गया। जालंधर और चंडीगढ़ के स्कूलों में बम
- स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। फिरोजपुर कोर्ट
- कॉम्प्लेक्स में दोपहर दो बजे तक कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया गया।
- कोर्ट को खाली करवाकर पुलिस ने छानबीन शुरू की।
चंडीगढ़ थाना सेक्टर-34 के SHO सतिंदर सिंह ने बताया कि “सभी जगहों पर चेकिंग कर ली गई है। अभी तक किसी भी जगह से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।” फिर भी एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
साइबर सेल और पुलिस की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में यह धमकी होक्स (झूठी) साबित हो सकती है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई रिस्क नहीं ले रही हैं।
यह घटना किस संदर्भ में आई?
- यह धमकी पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर हाल ही में हुए ब्लास्ट के महज पांच दिन बाद आई है।
- इससे पहले भी दिल्ली, चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न इलाकों में खालिस्तान से जुड़ी धमकियां मिल चुकी हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ अलगाववादी तत्व सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए
- दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब सरकार ने पहले भी नशे
- अलगाववाद और सुरक्षा चुनौतियों पर सख्त रुख अपनाया है।
अरविंद केजरीवाल समेत नेताओं पर धमकी
ईमेल में अरविंद केजरीवाल को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। केजरीवाल पंजाब में आम आदमी पार्टी की मजबूत उपस्थिति के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव को भी सीधे धमकी दी गई, जिससे राज्य की सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- पंजाब और चंडीगढ़ जैसे संवेदनशील इलाकों में स्कूलों और कोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थानों
- पर धमकी मिलना गंभीर मामला है। अभिभावकों में घबराहट फैल गई। कई स्कूलों में बच्चों को जल्दी घर भेज दिया गया।
- स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को साइबर सुरक्षा
- को और मजबूत करना चाहिए। ईमेल ट्रैकिंग, IP एड्रेस मॉनिटरिंग और
- इंटरनेशनल लेवल पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।
पंजाब बनेगा खालिस्तान आगे क्या हो सकता है?
- पुलिस और साइबर सेल की जांच जारी है। अगर ईमेल का स्रोत विदेश से निकला
- तो मामला और गंभीर हो सकता है। पंजाब सरकार ने सभी जिलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
- यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अलगाववाद और दहशत फैलाने की कोशिशें
- अभी भी जारी हैं। पंजाब की शांति और विकास को किसी भी कीमत पर बनाए रखना जरूरी है।
नागरिकों के लिए सलाह
- किसी भी संदिग्ध ईमेल या मैसेज को तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहें।
- अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
दिल्ली पुलिस, पंजाब पुलिस और चंडीगढ़ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। जांच पूरी होने तक स्थिति पर नजर रखी जा रही है।