नीट छात्रा रेप-हत्या : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बवाल मचा हुआ है। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की रेप और हत्या के संदिग्ध मामले ने पूरे राज्य को हिला दिया है। इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि बिहार के उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें खुली चुनौती दी है। 6 फरवरी 2026 को जारी इस विवाद ने बिहार की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
घटना का पूरा विवरण
घटना 11 जनवरी 2026 को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई, जहां जहानाबाद की रहने वाली एक नीट छात्रा की मौत हो गई। छात्रा की तबीयत 6 जनवरी से खराब बताई जा रही है, उसके बाद तीन अस्पतालों में इलाज चला, लेकिन मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में रेप और हत्या के संकेत मिले, जिससे मामला बेहद गंभीर हो गया। शुरुआती जांच में पुलिस अफसरों के बयानों और फोरेंसिक रिपोर्ट में विरोधाभास सामने आया, जिससे जांच पर सवाल उठे। परिवार और समाज ने रेप-मर्डर का आरोप लगाया, जिसके बाद बिहार पुलिस ने 20 दिनों की जांच के बाद 31 जनवरी को केस की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से सीबीआई जांच का अनुरोध किया।

राबड़ी देवी के सनसनीखेज आरोप
5 फरवरी 2026 को विधान परिषद के बाहर और सदन में राबड़ी देवी ने कहा कि इस मामले में सरकार का कोई मंत्री या मंत्री का बेटा शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लीपापोती कर रही है और आरोपी को बचाने की कोशिश हो रही है। राबड़ी ने कहा, “सीबीआई भी सरकार की है, तो क्या जांच होगी?” उन्होंने सरकार पर पूरे मामले को रफा-दफा करने का भी इल्जाम लगाया। आरजेडी नेता ने इसे महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल बताया और न्याय की मांग की।
सम्राट चौधरी की जवाबी चुनौती
- 6 फरवरी 2026 की सुबह सम्राट चौधरी ने वीडियो जारी कर राबड़ी देवी को सीधी चुनौती दी।
- उन्होंने कहा, “राबड़ी देवी बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री रही हैं। उनसे ऐसे आरोप की उम्मीद नहीं थी।
- अगर उन्हें पता है कि कोई मंत्री या मंत्री का बेटा शामिल है, तो नाम बताएं।
- जनता के बीच नाम लें। मैं गारंटी देता हूं – किसी भी मंत्री या उसके बेटे का नाम आएगा
- तो 24 घंटे के अंदर जेल में डाल देंगे। अगर नाम नहीं बता रही हैं
- तो इसका मतलब साक्ष्य छुपा रही हैं।”
सम्राट ने इसे राजनीतिक खेल करार दिया और कहा कि सरकार पारदर्शी जांच चाहती है, इसलिए सीबीआई सिफारिश की गई। उन्होंने गर्ल्स हॉस्टल में नए सुरक्षा नियम लागू करने में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
यह मामला बिहार में महिलाओं की सुरक्षा, छात्राओं के हॉस्टल और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। घटना के बाद गर्ल्स हॉस्टल के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए। विपक्ष (आरजेडी, तेजस्वी यादव) सरकार पर हमलावर है, जबकि बीजेपी-जेडीयू गठबंधन जांच को पारदर्शी बता रहा है। सीबीआई जांच से उम्मीद है कि सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
न्याय की उम्मीद
- नीट छात्रा का यह दर्दनाक मामला सिर्फ एक क्राइम नहीं, बल्कि बिहार की बेटियों की सुरक्षा का
- मुद्दा बन चुका है। सम्राट चौधरी की चुनौती और राबड़ी देवी
- के आरोपों के बीच सच का पता लगना जरूरी है।
- अगर आरोपी राजनीतिक रसूख वाला है, तो कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
- परिवार को न्याय मिले, यही सबकी मांग है। सीबीआई जांच से उम्मीद है
- कि दोषी पकड़े जाएंगे और ऐसी घटनाएं रुकेंगी।