दिल्ली प्रदूषण समाचार : दिल्ली में इस सीजन की सबसे खराब हवा की गुणवत्ता के कारण अस्पतालों में सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दिनों में दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि पहले स्थिर हो चुके मरीजों में भी लक्षण फिर से उभर आए हैं। यह स्थिति दिसंबर 2025 में दिल्ली की हवा की खराब गुणवत्ता का सीधा नतीजा है, जो सर्दियों में हर साल की तरह स्वास्थ्य संकट पैदा कर रही है।
सांस की समस्याओं के मुख्य लक्षण और प्रभावित लोग
डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों में मुख्य रूप से ये लक्षण दिख रहे हैं:

- लगातार सूखी खांसी
- थकान और कमजोरी
- सांस लेने में तकलीफ
यह समस्या सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमारियों से ग्रस्त लोगों (जैसे अस्थमा या COPD वाले) को है। सफदरजंग अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा, “ज्यादातर मरीजों को पहले से सांस की बीमारियां हैं। पिछले दो दिनों में स्थिर मरीजों में भी लक्षण फिर से शुरू हो गए हैं। OPD में बुजुर्ग और बच्चे ज्यादा आ रहे हैं।”
गर्भवती महिलाओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है। गुरुग्राम के SGT अस्पताल की ऑब्स्टेट्रिशियन डॉ. मंजू पूरी ने बताया कि प्रदूषण के कारण फीटल डिस्ट्रेस के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे इस सीजन में सी-सेक्शन की संख्या में इजाफा हो रहा है।
प्रदूषण और मौतों का संबंध: क्या कहते हैं अध्ययन?
हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा में कहा था कि प्रदूषण से मौत या बीमारी का सीधा संबंध साबित करने वाले ठोस डेटा नहीं हैं। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि कई अध्ययन प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच मजबूत संबंध दिखाते हैं। एक अमेरिकी थिंक टैंक की 2023 की स्टडी के अनुसार, अगर दिल्ली में मौजूदा प्रदूषण स्तर बना रहा तो यहां के निवासियों की औसत आयु 11.9 साल कम हो सकती है।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण से मौत का कारण लिखना मुश्किल है क्योंकि कई फैक्टर शामिल होते हैं, लेकिन यह मौजूदा बीमारियों को बदतर जरूर बनाता है और कभी-कभी मौत का कारण बन जाता है।
डॉक्टरों की सलाह: खुद को कैसे बचाएं?
इस बढ़ते संकट से बचने के लिए डॉक्टरों ने ये सुझाव दिए हैं:
- घर के अंदर ही रहें, बाहर निकलना कम करें।
- बाहर जाना जरूरी हो तो N95 मास्क जरूर पहनें।
- बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतें।
- लक्षण गंभीर हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें – कुछ मामलों में स्टेरॉयड दवाएं दी जा रही हैं।
- एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और धूम्रपान से दूर रहें।
- दिल्ली में हर सर्दी में प्रदूषण एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बन जाता है। वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य
- पराली जलाना और मौसम की वजह से PM2.5 का स्तर खतरनाक हो जाता है।
- सरकार GRAP नियम लागू कर रही है, लेकिन व्यक्तिगत सावधानी सबसे जरूरी है।
- अपनी और अपने परिवार की सेहत का ख्याल रखें, क्योंकि साफ हवा हमारा अधिकार है!