दूर होगी LPG की किल्लत : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच भारत के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। 46,655 मीट्रिक टन LPG से लदा विशाल एलपीजी कैरियर ‘ग्रीन सांवी’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है। शिपिंग महानिदेशालय के अनुसार, यह जहाज 3 अप्रैल की आधी रात तक सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लेगा और 6 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
देश में कुकिंग गैस की कमी से जूझ रहे लाखों परिवारों के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स।
दूर होगी LPG की किल्लत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्यों है संकट?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिससे वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण इस रूट पर नाकेबंदी जैसी स्थिति बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG आयात करता है, जिसमें से अधिकांश इसी रूट से आता है।
ऐसे में जहाजों का फंसना सीधे घरेलू LPG सप्लाई पर असर डाल रहा था। लेकिन भारतीय नौसेना और शिपिंग मंत्रालय के प्रयासों से कुछ जहाज सुरक्षित निकलने में सफल हो रहे हैं।

‘ग्रीन सांवी’ की यात्रा और महत्व
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ग्रीन सांवी 46,655 टन LPG लेकर आ रहा है। यह जहाज वर्तमान में होर्मुज के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो 6 अप्रैल तक यह मुंबई बंदरगाह पहुंच जाएगा।
इससे पहले पिछले दिनों दो अन्य LPG जहाज ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ ने भी होर्मुज पार किया था। इन दोनों ने मिलकर लगभग 92,000 मीट्रिक टन LPG भारत पहुंचाई। इसके अलावा BW TYR पहले ही मुंबई पहुंच चुका है और शिप-टू-शिप ट्रांसफर के जरिए अपना कार्गो उतार रहा है। BW ELM को एन्नोर बंदरगाह की ओर मोड़ा गया है, जो 4 अप्रैल तक पहुंच सकता है।
ये सभी प्रयास दिखाते हैं कि सरकार और नौसेना मिलकर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।
अभी भी बाकी है चुनौती!
राहत की खबर के साथ-साथ चुनौती भी बरकरार है। भारतीय नौसेना के सूत्रों के मुताबिक, ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ अभी भी सुरक्षित मार्ग के इंतजार में हैं। नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी फंसे जहाजों को चरणबद्ध तरीके से निकालने की कोशिश की जा रही है। प्राथमिकता LPG और क्रूड ऑयल जैसे जरूरी ईंधन वाले जहाजों को दी जा रही है।
- शिपिंग महानिदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी में अभी भी 17 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं।
- इनमें 5 जहाज शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के हैं। ओमान की खाड़ी
- अदन की खाड़ी और लाल सागर में भी भारतीय जहाज मौजूद हैं।
- खाड़ी क्षेत्र में कुल 20,500 भारतीय नाविक तैनात हैं, जिनमें से 504 भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर हैं।
- अब तक 1,130 नाविकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आगे की रणनीति!
- होर्मुज स्ट्रेट केवल एक व्यापारिक रूट नहीं, बल्कि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिरता से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
- सरकार एक तरफ कूटनीतिक स्तर पर ईरान और अन्य देशों से बातचीत कर रही है
- तो दूसरी तरफ भारतीय नौसेना अपनी पूरी ताकत से जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
- भारत ने हाल के दिनों में रूस, अंगोला और अन्य वैकल्पिक स्रोतों से LPG आयात बढ़ाने
- की भी कोशिश की है, ताकि होर्मुज पर निर्भरता कम हो सके। फिर भी
- मिडिल ईस्ट रूट अभी भी सबसे सस्ता और बड़ा सप्लाई चैनल है।
LPG किल्लत से आम आदमी पर क्या असर?
- LPG भारत में घरेलू रसोई का मुख्य ईंधन है। अगर सप्लाई बाधित होती है
- तो सिलेंडर की कीमतें बढ़ सकती हैं और उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
- ऐसे में ‘ग्रीन सांवी’ जैसे जहाजों का सुरक्षित पहुंचना लाखों परिवारों के लिए राहत है।
- विशेष रूप से ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों को इसका फायदा मिलेगा।
‘ग्रीन सांवी’ का होर्मुज पार करना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय नौसेना और शिपिंग मंत्रालय के निरंतर प्रयासों से उम्मीद है कि बाकी फंसे जहाज भी जल्द सुरक्षित निकल आएंगे।
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