तिरुवनंतपुरम चुनाव परिणाम : केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव 2025 में भाजपा (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 101 वार्डों वाली इस कॉर्पोरेशन में NDA (बीजेपी गठबंधन) ने 50 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 51 सीटें नहीं मिलीं। ऐसे में सभी की निगाहें दो निर्दलीय विजेताओं पर टिकी हैं, जो किंगमेकर की भूमिका में हैं। LDF ने 29, UDF ने 19 सीटें जीतीं, जबकि दो वार्डों (कन्नम्मूल और पाउंडकडावु) में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। यह चुनाव 9 दिसंबर 2025 को हुआ था और परिणामों ने केरल की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया है।
चुनाव परिणामों का पूरा विवरण
तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में कुल 101 वार्ड हैं (डेलिमिटेशन के बाद बढ़े)। परिणाम इस प्रकार हैं:

- NDA (बीजेपी): 50 सीटें
- LDF (वाम मोर्चा): 29 सीटें
- UDF (कांग्रेस गठबंधन): 19 सीटें
- निर्दलीय: 2 सीटें
यह बीजेपी की केरल में अब तक की सबसे बड़ी जीत है, जिसने LDF की 45 साल पुरानी सत्ता को खत्म कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘केरल की राजनीति में वाटरशेड मोमेंट’ बताया। एक वार्ड (विजहिंजम) में उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द हुआ था।
निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका क्यों अहम?
बहुमत के लिए 51 सीटें जरूरी हैं। बीजेपी को सिर्फ एक सीट की कमी है, इसलिए दो निर्दलीय विजेता निर्णायक हैं। कन्नम्मूल वार्ड से जीते एम. राधाकृष्णन ने CPI(M) नेताओं से मुलाकात की, लेकिन कहा कि वे अपने वार्ड के लोगों की राय के आधार पर फैसला लेंगे। निर्दलीय अक्सर मेयर पद या स्टैंडिंग कमिटी चेयरपर्सन जैसे पदों के बदले समर्थन देते हैं। अगर ये निर्दलीय बीजेपी का साथ देते हैं, तो राजधानी में पहली बार बीजेपी का मेयर बनेगा। संभावित मेयर उम्मीदवारों में पूर्व जिला अध्यक्ष वी.वी. राजेश और सस्थमंगलम से जीतीं पूर्व DGP आर. श्रीलेखा के नाम चर्चा में हैं।
LDF की हार अप्रत्याशित थी। CPI(M) जिला सचिव वी. जॉय ने कहा, “कॉर्पोरेशन में हार अप्रत्याशित है, लेकिन हमारा वोट आधार कम नहीं हुआ। हमने UDF से 42,000 वोट ज्यादा पाए। कुछ स्थानीय मुद्दों की वजह से नुकसान हुआ, पार्टी इसका अध्ययन करेगी।” राज्य स्तर पर UDF ने ग्राम पंचायतों, म्यूनिसिपैलिटी में अच्छा प्रदर्शन किया।
क्या होगा आगे?
- निर्दलीयों का फैसला जल्द आने की उम्मीद है। अगर बीजेपी बहुमत बना लेती है
- तो विकास कार्यों में तेजी आएगी। विपक्ष के बिना वॉकआउट के प्रस्ताव पास करना मुश्किल होगा।
- शशि थरूर ने बीजेपी की जीत को ‘लोकतंत्र की खूबसूरती’ बताया। यह परिणाम 2026
- विधानसभा चुनाव के लिए संकेत है, जहां बीजेपी राजधानी में मजबूत हो रही है।
- तिरुवनंतपुरम की राजनीति में यह बड़ा बदलाव है। निर्दलीयों का समर्थन किसे मिलेगा, यह देखना रोचक होगा!