गाजियाबाद : 4 फरवरी 2026 की सुबह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। भारत सिटी सोसाइटी के एक फ्लैट की 9वीं मंजिल से तीन सगी बहनों – विशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) – ने हाथ पकड़कर छलांग लगा दी और अपनी जान दे दी। पुलिस की जांच में सामने आया कि तीनों बहनें एक खतरनाक ऑनलाइन गेम ‘Korean Love Game’ की लत में फंस चुकी थीं। सुसाइड नोट में लिखा था: “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” यह घटना ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
गाजियाबाद क्या है ‘Korean Love Game’?
‘Korean Love Game’ कोई ऑफिशियल ऐप नहीं है जो प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर मिलता हो। यह एक टास्क-बेस्ड चैट गेम है जो टेलीग्राम ग्रुप्स, व्हाट्सएप लिंक्स, छिपी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के जरिए फैलता है। गेम का मुख्य आइडिया कोरियन कल्चर, K-पॉप और K-ड्रामा की लोकप्रियता पर आधारित है।

- खिलाड़ी खुद को कोरियन लड़का या लड़की मानकर चैट करता है।
- शुरुआत में मीठी-मीठी बातें, रोमांटिक मैसेज और फेक लव स्टोरी चलती है।
- धीरे-धीरे टास्क दिए जाते हैं – पहले आसान जैसे फोटो भेजना, फिर सेल्फ-हार्म (खुद को चोट पहुंचाना) और आखिरी टास्क सुसाइड।
- गेम का नारा कुछ ऐसा होता है: “We are not Indians, we are Koreans” (हम भारतीय नहीं, हम कोरियन हैं)।
- तीनों बहनों ने खुद को कोरियन प्रिंसेस मान लिया था और गेम के अंतिम टास्क को पूरा करने के लिए एक साथ मौत को गले लगा लिया।
यह गेम ब्लू व्हेल चैलेंज (2017 में बैन हुआ) जैसा है, जहां 50 टास्क पूरे करने के बाद सुसाइड होता था। कोरोना काल से ही तीनों बहनों की लत शुरू हुई, जब उन्हें स्मार्टफोन मिले और वे पढ़ाई-स्कूल छोड़कर फोन में डूब गईं। पिता कई बार गेम छुड़वाने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन लत इतनी गहरी थी कि वे नहीं मानीं।
घटना के प्रमुख फैक्ट्स
- घटना का समय: 4 फरवरी 2026 की रात करीब 2 बजे।
- स्थान: भारत सिटी सोसाइटी, बी-1 टावर, फ्लैट नंबर 907।
- सुसाइड नोट: 8 पन्नों की डायरी और नोट मिले, जिसमें गेम की लत और “सॉरी पापा” लिखा था। एक क्राइंग कारिकेचर भी था।
- परिवार की स्थिति: तीनों बहनें बहुत क्लोज थीं – साथ खाना, सोना, नहाना सब करते थे। कोरोना के बाद फोन एडिक्शन बढ़ा, स्कूल जाना बंद कर दिया।
- पुलिस जांच: मोबाइल फोरेंसिक जांच जारी, गेम के टास्क और चैट्स ट्रेस किए जा रहे हैं।
क्यों खतरनाक है ऐसा गेम?
ऐसे गेम किशोरों की भावनाओं का फायदा उठाते हैं:
- फेक लव और डिपेंडेंसी बनाते हैं।
- टास्क पूरे करने की मजबूरी पैदा करते हैं।
- सेल्फ-हार्म से मौत तक ले जाते हैं।
- बच्चे वर्चुअल दुनिया को रियल से ज्यादा महत्वपूर्ण मानने लगते हैं।
यह सिर्फ समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो सकता है।
बच्चों को खतरनाक ऑनलाइन गेम्स से कैसे बचाएं? (एक्सपर्ट सलाह)
- स्क्रीन टाइम लिमिट करें: रोजाना 1-2 घंटे से ज्यादा फोन/टैबलेट इस्तेमाल न होने दें।
- बिहेवियर चेंजेस पर नजर रखें: पढ़ाई छोड़ना, अकेले रहना, गुस्सा, डिप्रेशन जैसे संकेत दिखें तो तुरंत बात करें।
- ओपन कम्युनिकेशन: बच्चों से दोस्ताना बात करें, उनकी भावनाओं को समझें ताकि वे वर्चुअल लव की तलाश न करें।
- ऐप्स और कंटेंट मॉनिटर करें: पैरेंटल कंट्रोल ऐप्स यूज करें, अननोन लिंक्स/ग्रुप्स से दूर रखें।
- स्कूल और फैमिली एक्टिविटी बढ़ाएं: खेल-कूद, फैमिली टाइम, हॉबीज पर फोकस करें।
- अगर लत लगे: काउंसलर या साइकोलॉजिस्ट से मदद लें। गेम डिलीट करवाएं, फोन चेक करें।
- सरकार/प्लेटफॉर्म्स से अपील: ऐसे गेम्स को बैन करवाने की मांग करें, जैसे ब्लू व्हेल हुआ था।
Read More : Redmi 13C बजट में बेस्ट स्मार्टफोन पूरी डिटेल्स फीचर्स प्राइस और रिव्यू 2026