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केजरीवाल सांसद बैठक फेल बागी MPs से मुलाकात क्यों नहीं हो पाई?

On: April 25, 2026 4:51 AM
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केजरीवाल सांसद बैठक : आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए हाल ही में एक बड़ा राजनीतिक झटका सामने आया, जब पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों ने अचानक इस्तीफा दे दिया। खास बात यह रही कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल इन बागी सांसदों से मिलने वाले थे, लेकिन यह बैठक हो ही नहीं पाई। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर केजरीवाल सांसद बैठक फेल क्यों हो गई?

क्या था पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ दी। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और स्वाति मालीवाल जैसे बड़े नाम शामिल थे।

केजरीवाल सांसद बैठक: बागी MPs से मुलाकात से पहले का दृश्य
केजरीवाल सांसद बैठक AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा बागी सांसदों के साथ प्रस्तावित बैठक, जो बाद में फेल हो गई

इन सांसदों ने न सिर्फ पार्टी छोड़ी बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का भी फैसला किया, जिससे AAP को बड़ा झटका लगा।

केजरीवाल सांसद बैठक केजरीवाल ने क्यों बुलाई थी बैठक?

सूत्रों के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल को सांसदों की नाराजगी का अंदाजा हो गया था। इसलिए उन्होंने सभी बागी सांसदों को अपने आवास पर चर्चा के लिए बुलाया था।

बताया जा रहा है कि:

  • केजरीवाल ने उन्हें समझाने की कोशिश की
  • अगले चुनाव में टिकट देने का भी आश्वासन दिया
  • पार्टी में बने रहने के लिए मनाने का प्रयास किया

लेकिन इसके बावजूद बैठक नहीं हो सकी।

क्यों फेल हो गई बैठक?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है — केजरीवाल सांसद बैठक फेल क्यों हुई?

असल वजह यह है कि सांसद पहले ही फैसला कर चुके थे:

  • सांसदों ने गुरुवार सुबह ही पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था
  • उन्होंने पहले ही आपस में संपर्क करके रणनीति बना ली थी
  • केजरीवाल के बुलाने से पहले ही इस्तीफा देने का निर्णय हो चुका था

यानी, जब तक बैठक का समय आया, तब तक सब कुछ तय हो चुका था।

बगावत की शुरुआत कैसे हुई?

इस पूरे विवाद की शुरुआत राघव चड्ढा से जुड़ी एक बड़ी घटना से हुई।

  • उन्हें राज्यसभा में उप-नेता पद से हटा दिया गया
  • उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई

इसके बाद:

  • चड्ढा ने अन्य नाराज सांसदों से संपर्क किया
  • सभी ने मिलकर पार्टी छोड़ने का फैसला किया

यहीं से AAP में बगावत की चिंगारी भड़क उठी।

सांसदों ने क्या लगाए आरोप?

पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने AAP पर कई गंभीर आरोप लगाए:

  • पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है
  • अंदरूनी लोकतंत्र खत्म हो रहा है
  • नेतृत्व में पारदर्शिता की कमी है

राघव चड्ढा ने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने मेहनत से बनाया, वह अब अपने मूल्यों को भूल चुकी है।

भाजपा पर भी लगे आरोप

इस पूरे घटनाक्रम के बाद AAP ने भाजपा पर भी निशाना साधा।

  • AAP नेताओं ने इसे “ऑपरेशन लोटस” बताया
  • आरोप लगाया कि भाजपा सांसदों को तोड़ रही है
  • पंजाब सरकार को अस्थिर करने की साजिश बताई

हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया।

AAP के लिए कितना बड़ा संकट?

यह घटना AAP के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट मानी जा रही है।

  • 10 में से 7 सांसदों का एक साथ जाना
  • पार्टी की संसद में ताकत कमजोर होना
  • बड़े नेताओं का पार्टी छोड़ना

इससे साफ है कि पार्टी के अंदर गंभीर असंतोष था।

राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ AAP पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।

  • भाजपा की राज्यसभा में ताकत बढ़ेगी
  • विपक्ष कमजोर हो सकता है
  • आने वाले चुनावों में इसका असर दिखेगा

केजरीवाल सांसद बैठक फेल होना सिर्फ एक मीटिंग का रद्द होना नहीं है, बल्कि यह AAP के अंदर चल रहे गहरे संकट का संकेत है।

जब नेता पहले ही पार्टी छोड़ने का मन बना लें, तो बातचीत की गुंजाइश खत्म हो जाती है। यही वजह रही कि केजरीवाल की कोशिश के बावजूद बैठक नहीं हो सकी।

अब देखना यह होगा कि AAP इस संकट से कैसे उबरती है और आने वाले समय में अपनी स्थिति को कैसे मजबूत करती है।

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