सिटी फुटबॉल ग्रुप मुंबई : भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा झटका! सिटी फुटबॉल ग्रुप (CFG) जो मैनचेस्टर सिटी का मालिक है, मुंबई सिटी एफसी से अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचकर बाहर हो रहा है। क्लब ने इस ओनरशिप चेंज की जानकारी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को दे दी है। यह फैसला इंडियन सुपर लीग (ISL) की चल रही अनिश्चितता और वित्तीय समस्याओं के बीच आया है, जो भारतीय फुटबॉल की मौजूदा स्थिति को उजागर करता है।
CFG क्यों कर रहा है एग्जिट?
सिटी फुटबॉल ग्रुप ने नवंबर 2019 में मुंबई सिटी एफसी में 65% हिस्सेदारी खरीदी थी। उस समय यह भारतीय फुटबॉल में सबसे बड़ा विदेशी निवेश माना गया था। CFG के आने के बाद क्लब ने 2020-21 सीजन में डबल (लीग शील्ड और ISL कप) जीता और 2024 में भी ISL कप अपने नाम किया। मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गार्डियोला ने भी क्लब की सफलता की तारीफ की थी।

लेकिन अब मुख्य वजह है ISL की वित्तीय स्थिति। 11 सीजन के बाद भी लीग ब्रेक-ईवन नहीं कर पाई है। फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) और AIFF के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट 8 दिसंबर को खत्म हो गया, जिसके बाद ISL 2025-26 सीजन की शुरुआत अनिश्चित है। कोई कैलेंडर नहीं, कमर्शियल डायरेक्शन नहीं और गवर्नेंस में कन्फ्यूजन। AIFF के बैंक में सिर्फ 19.89 करोड़ रुपये बचे हैं, जबकि खर्च ज्यादा है। इन सबने CFG को लंबे समय का प्लानिंग मुश्किल बना दिया।
नई ओनरशिप किसकी होगी?
- CFG की हिस्सेदारी बिकने के बाद क्लब की पूरी ओनरशिप बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर
- और बिजनेसमैन बिमल पारेख के पास वापस आ जाएगी। पहले ये दोनों 35% हिस्सेदार थे।
- क्लब ने कहा है कि यह “आंतरिक मामला” है और दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- कोच पेट्र क्राटकी के नेतृत्व में प्लेयर्स ट्रेनिंग जारी रखे हुए हैं।
ISL और भारतीय फुटबॉल पर असर
यह एग्जिट सिर्फ एक क्लब की बात नहीं, बल्कि पूरे भारतीय फुटबॉल के लिए वॉर्निंग सिग्नल है। विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है। ISL 2025-26 सीजन अभी शुरू नहीं हुआ, जबकि दिसंबर खत्म होने को है। AIFF ने क्लब्स के साथ मीटिंग में दो प्रपोजल दिए हैं – एक जोन में बांटकर मैच या सिंगल-लेग लीग। लेकिन क्लैरिटी नहीं है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनिश्चितता क्लब्स की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को प्रभावित कर रही है।
मुंबई सिटी एफसी पिछले सीजन में कुछ प्लेयर्स खो चुका है, जैसे अपुइया राल्ते मोहन बागान चले गए। अब CFG के जाने से क्लब की आगे की परफॉर्मेंस पर सवाल उठ रहे हैं।
भारतीय फुटबॉल को क्या सबक?
- CFG का एग्जिट बताता है कि बिना मजबूत स्ट्रक्चर, क्लियर गवर्नेंस और फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी
- के बड़े निवेश नहीं टिकते। ISL को जल्दी रोडमैप बनाना होगा, नहीं तो और निवेशक पीछे हट सकते हैं।
- फैंस को उम्मीद है कि AIFF और क्लब्स मिलकर जल्द समाधान निकालेंगे, ताकि भारतीय फुटबॉल आगे बढ़ सके।
- यह खबर भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए चिंता का विषय है, लेकिन साथ ही सुधार की जरूरत भी दिखाती है।
- मुंबई सिटी एफसी के फैंस को उम्मीद है कि रणबीर कपूर के नेतृत्व में क्लब नई ऊंचाइयों को छुएगा।