वारी एनर्जीज शेयर प्राइस : भारत की प्रमुख सोलर मॉड्यूल निर्माता कंपनी वारी एनर्जीज (Waaree Energies) के शेयर में जनवरी 2026 की शुरुआत में भारी गिरावट देखी गई। 5 जनवरी 2026 को शेयर 4% से ज्यादा गिरकर ट्रेड कर रहा था, जो पोस्ट लिस्टिंग हाई से करीब 29% नीचे है। साथ ही प्रीमियर एनर्जीज के शेयर भी 6% तक गिरे। यह गिरावट सोलर सेक्टर में चल रही अनिश्चितता का नतीजा है।
#वारी एनर्जीज शेयर की मौजूदा स्थिति
- 52-सप्ताह हाई: ₹3,865
- 52-सप्ताह लो: ₹1,863 के करीब पहुंचा
- जनवरी 2026 शुरुआत में प्राइस: करीब ₹2,850-₹2,900 के आसपास (2 जनवरी को ₹2,858-₹2,866)
- पोस्ट-लिस्टिंग पीक से 29% गिरावट
- लगातार 8 सत्रों से गिरावट (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार)

कंपनी का IPO अक्टूबर 2024 में हुआ था, जहां शेयर लिस्टिंग पर अच्छा प्रीमियम मिला था, लेकिन अब लिस्टिंग प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहा है।
शेयर गिरावट के मुख्य कारण
सोलर सेक्टर की कंपनियों पर दबाव कई वजहों से है:
- US एंटी-डंपिंग ड्यूटी जांच: अमेरिका ने भारतीय सोलर सेल और मॉड्यूल इंपोर्ट पर एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी जांच शुरू की। वारी की एक्सपोर्ट रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा (FY24 में 58%) US से आता है। जांच में डंपिंग मार्जिन 123% तक बताया गया।
- ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की संभावित पॉलिसी: नए US प्रशासन से इंपोर्ट टैरिफ बढ़ने की आशंका।
- डोमेस्टिक मार्केट स्लोडाउन: भारत में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में देरी।
- लॉक-इन पीरियड खत्म: IPO के बाद शेयरों की बिक्री से प्रेशर।
- CEO रिजाइनेशन: दिसंबर 2025 में CEO अमित पैठणकर के रिजाइन करने की खबर।
इन वजहों से निवेशकों का सेंटीमेंट नेगेटिव हो गया।
वारी एनर्जीज कंपनी ओवरव्यू
वारी एनर्जीज भारत की सबसे बड़ी सोलर PV मॉड्यूल निर्माता है:
- इंस्टॉल्ड कैपेसिटी: 12-18 GW
- 5 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स भारत में
- मार्केट शेयर: डोमेस्टिक 21%, एक्सपोर्ट 44%
- ऑर्डर बुक: हजारों करोड़ की, जिसमें US ऑर्डर्स प्रमुख
कंपनी सोलर पैनल, सेल्स और EPC सर्विसेस प्रदान करती है। FY24 में रेवेन्यू दोगुना हुआ और प्रॉफिट बढ़ा।
एनालिस्ट्स की राय
- 13 एनालिस्ट्स में 9 “बाय” और 4 “सेल” रेटिंग
- कुछ ब्रोकर्स ने टारगेट प्राइस कम किए
- लॉन्ग टर्म में कैपेसिटी एक्सपैंशन और भारत के रिन्यूएबल टारगेट से फायदा की उम्मीद
- शॉर्ट टर्म में रिस्क ज्यादा (US एक्सपोर्ट डिपेंडेंसी)
भविष्य का आउटलुक
वारी एनर्जीज के पास मजबूत फंडामेंटल्स हैं – बड़ा ऑर्डर बुक, कैपेसिटी बढ़ोतरी और गवर्नमेंट की सोलर पुष। लेकिन US ट्रेड इश्यू सॉल्व होने तक प्रेशर रह सकता है। अगर जांच सकारात्मक रही तो रिकवरी तेज हो सकती है। निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।