मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

ब्रिटेन में हिंदू छात्र पर धार्मिक भेदभाव तिलक लगाने के कारण 8 साल के बच्चे को स्कूल छोड़ने पर मजबूर किया, INSIGHT UK ने उठाया मुद्दा!

On: January 20, 2026 5:39 AM
Follow Us:
---Advertisement---

ब्रिटेन में हिंदू छात्र : ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 8 साल के हिंदू छात्र को माथे पर तिलक-चंदलो (Tilak-Chandlo) लगाने के कारण स्कूल छोड़ने पर मजबूर किया गया। यह घटना विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल (Vicar’s Green Primary School) में हुई, जहां स्कूल स्टाफ ने बच्चे के धार्मिक प्रतीक को लेकर सवाल किए और उसे समझाने-जवाब देने के लिए कहा। ब्रिटिश हिंदू और भारतीय समुदाय की एडवोकेसी संस्था INSIGHT UK ने इसे स्पष्ट धार्मिक भेदभाव बताया है। घटना की खबर 19-20 जनवरी 2026 को सामने आई, जिसने हिंदू समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है।

घटना का पूरा विवरण

8 साल का यह बच्चा नियमित रूप से तिलक-चंदलो लगाकर स्कूल जाता था, जो हिंदू धर्म में एक पवित्र धार्मिक प्रतीक है। स्कूल स्टाफ ने बच्चे से उसके इस रिवाज के बारे में पूछताछ की और उसे “समझाने” तथा “जस्टिफाई” करने को कहा। INSIGHT UK के अनुसार, यह तरीका एक नाबालिग बच्चे के लिए पूरी तरह अनुचित था। स्कूल ने बच्चे पर ब्रेक के समय नजर रखी, उसे डराया-धमकाया, दोस्तों से अलग-थलग किया और कुछ जिम्मेदारियों (positions of responsibility) से हटा दिया।

ब्रिटेन में हिंदू छात्र
ब्रिटेन में हिंदू छात्र

बच्चे के माता-पिता ने अन्य हिंदू अभिभावकों के साथ मिलकर हेडटीचर और स्कूल गवर्नर्स से कई बार बात की। उन्होंने तिलक के धार्मिक महत्व को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने इन प्रयासों को खारिज कर दिया और कोई समझौता नहीं किया। परिणामस्वरूप, बच्चा इतना परेशान हो गया कि उसे स्कूल छोड़ना पड़ा और दूसरे स्कूल में ट्रांसफर करना पड़ा। INSIGHT UK ने दावा किया है कि इसी स्कूल में कम से कम 4 हिंदू बच्चों को इसी तरह धार्मिक आधार पर निकाला जा चुका है।

INSIGHT UK का बयान और चिंताएं!

  • INSIGHT UK के प्रवक्ता ने कहा, “किसी भी बच्चे को अपनी आस्था के कारण निगरानी में रखा जाना
  • अलग-थलग किया जाना या अकेला महसूस कराया जाना नहीं चाहिए, खासकर किसी अधिकारी द्वारा।
  • ऐसे अनुभवों का लंबे समय तक भावनात्मक प्रभाव पड़ सकता है और सुरक्षा से जुड़े
  • गंभीर सवाल उठ सकते हैं।” संगठन ने इसे धार्मिक भेदभाव का स्पष्ट मामला बताया और ब्रिटेन में
  • हिंदू बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने स्कूल की नीतियों पर पुनर्विचार की मांग की है।

यह घटना ब्रिटेन में बढ़ते एंटी-हिंदू सेंटिमेंट और स्कूलों में धार्मिक सहिष्णुता की कमी को उजागर करती है। पहले भी कई रिपोर्ट्स में हिंदू छात्रों को बुलिंग, मॉकिंग और कन्वर्जन प्रेशर का सामना करने की बात आई है। 2023 की एक स्टडी में पाया गया था कि हिंदू बच्चों को स्कूलों में भेदभाव का सामना करना पड़ता है, लेकिन स्कूल रिकॉर्ड में ऐसे मामले कम दर्ज होते हैं।

ब्रिटेन में हिंदू समुदाय की स्थिति

  • ब्रिटेन में हिंदू समुदाय बड़ी संख्या में है और वे अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों को बनाए रखते हैं।
  • तिलक-चंदलो हिंदू धर्म में आशीर्वाद, सुरक्षा और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
  • ऐसे में एक बच्चे को इसके लिए सजा मिलना या स्कूल छोड़ना मजबूर होना गंभीर मुद्दा है।
  • यह Equality Act 2010 के तहत धार्मिक भेदभाव के खिलाफ हो सकता है, लेकिन स्कूल ने इसे लागू नहीं किया।

माता-पिता और समुदाय अब आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। INSIGHT UK जैसे संगठन इस मामले को उठाकर ब्रिटिश सरकार और शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। यह घटना याद दिलाती है कि बहुसांस्कृतिक समाज में धार्मिक सहिष्णुता और समझदारी कितनी जरूरी है।

  • अगर ऐसे मामले बढ़ते रहे तो हिंदू परिवारों में ब्रिटेन की शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कम हो सकता है।
  • उम्मीद है कि स्कूल और अथॉरिटीज जल्द संज्ञान लें और बच्चे की भावनाओं का सम्मान करें।
  • यह सिर्फ एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और समानता का सवाल है।

Read More : महिंद्रा थार अब और महंगी! अचानक प्राइस हाइक, खरीदने से पहले चेक कर लो नई कीमत!

Read More : Ola Electric Mobility Ltd का शेयर वर्तमान में लगभग ₹ 33.96 – ₹ 34.11 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment