बजाज हाउसिंग फाइनेंस : भारत की प्रमुख हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) ने Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक रहे। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 23% की सालाना (YoY) ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹1,33,412 करोड़ तक पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,08,314 करोड़ से काफी ज्यादा है। दिसंबर 2025 के अंत तक यह आंकड़ा कंपनी की मजबूत ग्रोथ स्ट्रेटेजी को दर्शाता है। The Statesman और अन्य प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स, कारण, अन्य फाइनेंशियल हाइलाइट्स और भविष्य का आउटलुक।
AUM ग्रोथ के मुख्य आंकड़े
- Q3 FY26 AUM: ₹1,33,412 करोड़ (23% YoY ग्रोथ)
- पिछले साल (Q3 FY25): ₹1,08,314 करोड़
- क्वार्टरली ग्रोथ: तिमाही में AUM में ₹6,652 करोड़ का इजाफा
- लोन एसेट्स: ₹1,17,305 करोड़ (23% YoY बढ़ोतरी, पिछले साल ₹95,570 करोड़)
- ग्रॉस डिस्बर्समेंट: ₹16,535 करोड़ (पिछले साल ₹12,571 करोड़ से काफी ज्यादा)

यह ग्रोथ कंपनी की डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो से आई है, जहां होम लोन्स 54.5% हिस्सेदारी रखते हैं। कंपनी ने अफोर्डेबल हाउसिंग, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, लीज़ रेंटल डिस्काउंटिंग और डेवलपर फाइनेंसिंग पर फोकस किया, जिससे डिमांड मजबूत रही।
प्रॉफिट और अन्य फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
- नेट प्रॉफिट: ₹665 करोड़ (21% YoY बढ़ोतरी, पिछले साल ₹549 करोड़)
- नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): ₹963 करोड़ (19% YoY ग्रोथ)
- टोटल इनकम: 17.85% बढ़कर मजबूत
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹664.89 करोड़ (21.32% YoY)
- एसेट क्वालिटी: स्थिर – ग्रॉस NPA 0.27%, नेट NPA 0.11%
- प्रोविजन: ₹56 करोड़ (पिछले साल ₹35 करोड़)
- ROE: 12.3%
- कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो: 23.15%
- डेट-इक्विटी रेशियो: 4.49
- लिक्विडिटी कवरेज रेशियो: 146.31%
कंपनी ने हाई कॉम्पिटिशन के बावजूद स्टेबल एसेट क्वालिटी बनाए रखी, जो हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में चुनौतीपूर्ण माहौल में बड़ी बात है।
ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण
- मजबूत डिस्बर्समेंट मोमेंटम: ग्रॉस डिस्बर्समेंट में 31%+ YoY ग्रोथ, खासकर अफोर्डेबल और मिड-सेगमेंट होम लोन्स में।
- मार्केट पोजिशन: भारत की सबसे बड़ी नॉन-बैंक होम लोन फाइनेंसर (मार्केट वैल्यू के हिसाब से)।
- बजाज ग्रुप बैकिंग: बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी होने से मजबूत फंडिंग और ब्रांड वैल्यू।
- इकोनॉमिक फैक्टर्स: रियल एस्टेट सेक्टर में रिकवरी, लोअर इंटरेस्ट रेट्स की उम्मीद और गवर्नमेंट की हाउसिंग स्कीम्स (PMAY आदि) से फायदा।
- कंपटीशन: बैंक और अन्य NBFC से कॉम्पिटिशन बढ़ा, लेकिन कंपनी ने प्राइसिंग और सर्विस से बाजी मारी।
जुलाई 2025 में कंपनी ने FY26 के लिए 21-23% लोन ग्रोथ का गाइडेंस दिया था, जो अब ट्रैक पर है। मैनेजमेंट ने कहा कि FY26 में AUM ग्रोथ इसी रेंज में रहेगी, जबकि ओपेक्स टू NTI 20-21% रहेगा।
स्टॉक मार्केट रिएक्शन और निवेशकों के लिए महत्व
Q3 रिजल्ट्स के बाद बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में उछाल देखा गया, कुछ रिपोर्ट्स में 6% तक की तेजी। हालांकि, सेक्टर में कॉम्पिटिशन और इंटरेस्ट रेट रिस्क बने हुए हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी की ग्रोथ सस्टेनेबल है, खासकर अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में। लंबे समय के निवेशकों के लिए यह मजबूत प्ले है, क्योंकि भारत में हाउसिंग डिमांड बढ़ रही है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस की Q3 FY26 परफॉर्मेंस शानदार रही, जहां AUM में 23% ग्रोथ और प्रॉफिट में 21% बढ़ोतरी ने कंपनी को मजबूत पोजिशन दी। The Statesman की रिपोर्ट्स में भी इसकी सराहना की गई है। कंपनी का फोकस अफोर्डेबल ग्रोथ, स्टेबल एसेट क्वालिटी और डाइवर्सिफिकेशन पर है, जो भविष्य में और मजबूत रिटर्न दे सकता है। निवेश से पहले लेटेस्ट अपडेट और एक्सपर्ट एडवाइस जरूर लें।