फर्जी नामांकन फॉर्म विवाद : 16 जनवरी 2026: चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) ने मुंबई की पूर्व मेयर और शिवसेना (UBT) की नेता किशोरी पेडनेकर को एक गंभीर नोटिस जारी किया है। BJP के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया द्वारा दायर शिकायत के आधार पर ECI ने आरोप लगाया है कि BMC चुनाव 2026 के लिए दाखिल किए गए कुछ नामांकन फॉर्म में फर्जीवाड़ा हुआ है। नोटिस में किशोरी पेडनेकर से तुरंत जवाब मांगा गया है, ताकि मामले की जांच आगे बढ़ सके।
क्या है पूरा मामला?
BMC चुनाव 2026 के नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई उम्मीदवारों के फॉर्म में कथित रूप से गड़बड़ी की शिकायतें आईं। किरीट सोमैया ने विशेष रूप से किशोरी पेडनेकर पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा समर्थित कुछ उम्मीदवारों ने फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी के साथ नामांकन दाखिल किया। सोमैया का दावा है कि ये फॉर्म जानबूझकर गलत तरीके से भरे गए थे, जिससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।

शिकायत में मुख्य बिंदु:
- नामांकन फॉर्म में गलत पते और पहचान प्रमाण
- फर्जी हस्ताक्षर और समर्थक सूची
- कुछ फॉर्म में अनुचित तरीके से बैकडेटिंग
- EVM और वोटर लिस्ट से जुड़े पुराने विवादों का जिक्र
ECI का नोटिस: क्या कहा गया?
- चुनाव आयोग ने किशोरी पेडनेकर को नोटिस भेजते हुए कहा है कि उन्हें 7 दिनों के अंदर लिखित जवाब देना होगा।
- नोटिस में स्पष्ट निर्देश है कि अगर आरोप सही पाए गए तो संबंधित उम्मीदवारों
- के नामांकन रद्द किए जा सकते हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
- ECI ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है क्योंकि BMC चुनाव भारत
- की सबसे बड़ी और सबसे अमीर महानगरपालिका के चुनाव हैं।
किशोरी पेडनेकर और शिवसेना (UBT) की प्रतिक्रिया
- अभी तक किशोरी पेडनेकर या शिवसेना (UBT) की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
- हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह राजनीतिक साजिश है और BJP द्वारा BMC चुनाव में
- हार के डर से उठाया गया कदम है। उद्धव ठाकरे गुट का दावा है
- कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और सभी दस्तावेज वैध हैं।
किरीट सोमैया का स्टैंड
BJP नेता किरीट सोमैया ने कहा: “चुनाव आयोग ने सही फैसला लिया है। फर्जी नामांकन से लोकतंत्र की भावना को ठेस पहुंचती है। हम उम्मीद करते हैं कि ECI निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।”
BMC चुनाव 2026 पर क्या असर?
- यह विवाद BMC चुनाव के बीच में आया है, जब महायुति (BJP-शिंदे शिवसेना) और MVA
- (शिवसेना UBT + कांग्रेस + NCP SP) के बीच कड़ी टक्कर चल रही है।
- एग्जिट पोल में महायुति को बहुमत दिखाया जा रहा है, लेकिन ऐसे विवाद विपक्ष के लिए नया मुद्दा बन सकते हैं।
- अगर नामांकन रद्द हुए तो कई वार्डों में फिर से चुनाव या बदलाव हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
- कई विश्लेषक मानते हैं कि यह मामला राजनीतिक बदले की कार्रवाई हो सकता है।
- कुछ का कहना है कि अगर फर्जीवाड़ा साबित हुआ तो शिवसेना UBT की छवि को बड़ा नुकसान होगा।
- BMC चुनाव में पहले भी वोटर लिस्ट, इंक और EVM जैसे मुद्दे उठ चुके हैं, जिससे यह विवाद और गंभीर हो गया है।
आगे क्या होगा?
अब सारी नजरें किशोरी पेडनेकर के जवाब और ECI की अगली कार्रवाई पर हैं। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो जांच आगे बढ़ेगी और संभवतः सुनवाई होगी। यह मामला मुंबई की राजनीति में नया ट्विस्ट ला सकता है।
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