Nitish Crime Politics तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर गृह विभाग छोड़ने के बाद अपराध बढ़ने का आरोप लगाया। वहीं सम्राट चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य के फैसले अब भी मुख्यमंत्री ही ले रहे हैं।

बिहार की राजनीति इन दिनों कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर गरमाई हुई है। 20 फरवरी 2026 को बिहार विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। उनका मुख्य आरोप था कि नीतीश कुमार ने गृह विभाग छोड़ते ही राज्य में अपराध चरम पर पहुंच गया है। वहीं, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत पलटवार किया, कहा कि सभी फैसले मुख्यमंत्री ही ले रहे हैं। यह विवाद बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नई बहस छेड़ रहा है।
Nitish Crime Politics : गृह विभाग छोड़ते ही बिगड़े हालात
- तेजस्वी यादव ने विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि
- बिहार में अपराध अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है।
- छोटी बच्चियों के साथ गैंगरेप, हत्या, रंगदारी वसूली जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
- अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं क्योंकि सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।
उन्होंने विशेष रूप से नीतीश कुमार पर निशाना साधा। तेजस्वी का दावा है कि मुख्यमंत्री ने पहली बार गृह विभाग भाजपा को सौंप दिया, जो उनके 9-10 कार्यकालों में कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार इतने कमजोर और असहाय हो गए हैं कि बीजेपी उन्हें कठपुतली बना रही है। गृह विभाग उनके पास नहीं रहा तो अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। अपराधी अब ‘विजय’ और ‘सम्राट’ बन गए हैं।”
तेजस्वी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अचेत हैं और उनकी स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने NDA सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में सबसे ज्यादा अपराध हो रहा है, लेकिन बिहार में तो स्थिति और भी भयावह है। RJD ने महिलाओं के खिलाफ फरवरी में हुई घटनाओं की लिस्ट भी जारी की, जिसमें कई गंभीर मामले शामिल हैं।
सम्राट चौधरी का पलटवार: फैसले CM ही ले रहे हैं
- गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी के आरोपों का तीखा जवाब दिया।
- उन्होंने कहा कि गृह विभाग का दायित्व भले ही उनके पास हो,
- लेकिन सभी महत्वपूर्ण फैसले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही लेते हैं।
- सम्राट ने कहा, “सिर्फ नाम का विभाग मेरे पास है,
- असली नियंत्रण और निर्णय CM के हाथ में हैं।
- तेजस्वी यादव राजनीति करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।”
Nitish Crime Politics सम्राट ने आगे कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। कई मामलों में गिरफ्तारियां हुई हैं और कानून का राज कायम है। उन्होंने RJD पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास विकास और रोजगार जैसे मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे रोज अपराध का रोना रोते हैं।
बिहार में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति
- बिहार में हाल के महीनों में अपराध की कई घटनाएं सुर्खियों में रही हैं।
- फरवरी में ही दर्जनों रेप और अन्य आपराधिक मामले सामने आए।
- पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी सदन में सरकार पर हमला बोला और
- कहा कि बच्चियों के लिए सांस लेना मुहाल हो गया है।
- RJD का दावा है कि NDA सरकार आने के बाद से अपराधियों को खुली छूट मिली है।
दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि पुलिस सक्रिय है और कार्रवाई हो रही है। लेकिन विपक्ष इसे नाकाफी बताता है। यह विवाद दिखाता है कि बिहार में ‘सुशासन’ की छवि पर सवाल उठ रहे हैं, जिसे नीतीश कुमार लंबे समय से अपना मुख्य मुद्दा बताते आए हैं।
राजनीतिक निहितार्थ और आगे क्या?
- यह बयानबाजी बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकती है।
- तेजस्वी यादव लंबे समय बाद विधानसभा पहुंचे और सीधे सरकार को घेरा।
- इससे RJD का विपक्षी रुख मजबूत हुआ है।
- वहीं, NDA खेमे में एकजुटता दिखाने की कोशिश हो रही है।
कानून-व्यवस्था बिहार के मतदाताओं के लिए हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। अगर अपराध की घटनाएं नहीं रुकीं तो आने वाले समय में यह NDA सरकार के लिए बड़ा चुनौती बन सकता है। तेजस्वी यादव इसे 2025 के बाद के चुनावों में प्रमुख हथियार बनाने की तैयारी में दिख रहे हैं।
बिहार की जनता अब देख रही है कि आरोप-प्रत्यारोप से आगे जाकर सरकार अपराध पर असल में कितनी सख्ती दिखाती है। क्या नीतीश कुमार फिर से गृह विभाग संभालेंगे या स्थिति सुधरेगी? समय बताएगा। फिलहाल, बिहार की सियासत में यह ‘गृह युद्ध’ जारी है।