डोनाल्ड ट्रंप : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 के संकट पर बड़ा दावा किया है। 16 जनवरी 2026 को फ्लोरिडा में एक इवेंट (साउदर्न बुलेवार्ड का नाम बदलकर डोनाल्ड जे ट्रंप बुलेवार्ड करने के मौके पर) उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें कम से कम 10 मिलियन (1 करोड़) लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद दिया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच युद्ध रोका, जिसके लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए।
ट्रंप ने कहा: “एक साल में हमने 8 शांति समझौते किए, गाजा युद्ध खत्म किया और मध्य पूर्व में शांति स्थापित की। भारत-पाकिस्तान जैसे दो परमाणु देशों के बीच लड़ाई रोकना अद्भुत था। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा – डोनाल्ड ट्रंप ने कम से कम 10 मिलियन लोगों की जान बचाई, और यह अमेजिंग था।”
- यह दावा ट्रंप ने मई 2025 से लगातार दोहराया है, जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था।
- यहां ट्रंप के बयान और भारत-पाकिस्तान तनाव से जुड़ी कुछ प्रमुख तस्वीरें हैं:
- ये इमेजेस ट्रंप के भाषण, पाकिस्तान पीएम के साथ उनकी मुलाकातों और भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ को दिखाती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था? पूरा बैकग्राउंड

- अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए।
- भारत ने इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का नतीजा बताते हुए 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
- इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में जैश-ए-मोहम्मद और
- लश्कर-ए-तैयबा के 9-11 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल और एयर स्ट्राइक्स किए।
ऑपरेशन 6-10 मई तक चला। 10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क कर सीजफायर की अपील की, और दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क से युद्धविराम हो गया। भारत ने बार-बार स्पष्ट किया कि इसमें किसी तीसरे देश (अमेरिका सहित) की मध्यस्थता नहीं थी।
- ट्रंप ने 10 मई को ही सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्होंने “रात भर की बातचीत
- से सीजफायर करवाया, लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया।
ट्रंप का दावा क्यों विवादास्पद?
- भारत का रुख: विदेश मंत्रालय और अधिकारी कहते हैं कि सीजफायर द्विपक्षीय था।
- कोई अमेरिकी दबाव या मध्यस्थता नहीं।
- पाकिस्तान का पक्ष: कुछ रिपोर्ट्स में पाकिस्तान ने अमेरिकी भूमिका को स्वीकार किया, लेकिन शहबाज शरीफ का ठोस सार्वजनिक बयान नहीं मिला।
- ट्रंप की रणनीति: ट्रंप इसे अपनी उपलब्धियों में जोड़कर नोबेल की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने 8 बड़े युद्ध रोके, जिसमें भारत-पाक शामिल है।
- लॉबिंग का खेल: FARA दस्तावेजों से पता चला कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान
- ने अमेरिका में लाखों डॉलर खर्च कर लॉबिंग की, जबकि भारत ने भी डिप्लोमैटिक चैनल सक्रिय किए।
ट्रंप ने कई बार कहा कि उन्होंने टैरिफ और व्यापार दबाव से भारत को रोका, लेकिन भारत ने इसे भी नकारा।
शांति की असली जीत किसकी?
ट्रंप का यह दावा भारत-पाकिस्तान संबंधों में अमेरिकी भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है, जबकि भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश दिया। शांति की असली वजह दोनों देशों के सैन्य चैनलों की समझदारी थी, न कि बाहरी दबाव।
ट्रंप के बयान से एक बात साफ है – परमाणु युद्ध की आशंका गंभीर थी, और उसका टलना सभी के लिए राहत की बात है। लेकिन क्रेडिट का दावा राजनीतिक लगता है!
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