ट्विशा शर्मा केस : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 32 वर्षीय अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। 12 मई 2026 को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा को फंदे से लटका हुआ पाया गया। परिवार का आरोप है कि दहेज उत्पीड़न के चलते उनकी बेटी की हत्या की गई, जबकि पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह (रिटायर्ड जज) खुदकुशी का दावा कर रहे हैं। अब CBI जांच शुरू करने जा रही है, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं।

ट्विशा शर्मा केस की पूरी कहानी
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा दिसंबर 2025 में वकील समर्थ सिंह से शादी के बाद भोपाल शिफ्ट हुई थीं। मात्र 5 महीने बाद उनकी मौत हो गई। परिवार ने दहेज की मांग, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने CBI को जांच सौंप दी है।
जांच को सताते 7 अहम सवाल
- 1. फंदे का राज क्या है? ट्विशा की मौत नायलोन एक्सरसाइज बेल्ट से हुई बताई जा रही है।
- परिवार का आरोप है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान यह बेल्ट गायब थी
- और बाद में पेश की गई। AIIMS दिल्ली की टीम ने दूसरा पोस्टमॉर्टम किया, फिर भी कई संदेह बाकी हैं।
- 2. CCTV फुटेज को लेकर उठे सवाल घर में 8 CCTV कैमरे लगे थे। परिवार का आरोप है
- कि क्राइम सीन दो दिन तक आरोपियों के कब्जे में रहा। DVR सिस्टम
- में टेक्निकल खराबी का हवाला दिया गया। फुटेज की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं।
3. FIR दर्ज करने में देरी क्यों? मौत 12 मई को हुई, लेकिन FIR 15 मई को दर्ज हुई। परिवार का कहना है कि इस देरी ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ का मौका दिया।
4. वॉट्सऐप चैट, ऑडियो और कॉल रिकॉर्ड्स लीक हुई चैट्स और ऑडियो क्लिप में सास गिरिबाला सिंह द्वारा ट्विशा के चरित्र पर सवाल उठाए गए। समर्थ सिंह का दावा है कि चैट्स एडिटेड हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की मांग की जा रही है।
- 5. ट्विशा के भविष्य के प्लान मौत से पहले ट्विशा 15 मई को अपने भाई मेजर
- हर्षित शर्मा के पास दिल्ली जाने की योजना बना रही थीं। परिवार कहता है कि ऐसी स्थिति में खुदकुशी का दावा संदिग्ध है।
- 6. समर्थ सिंह का गायब होना मौत के बाद समर्थ सिंह 10 दिन फरार रहा।
- पुलिस को लुकआउट नोटिस जारी करना पड़ा और इनाम घोषित करना पड़ा। 22 मई को वह गिरफ्तार हुआ।
- 7. प्रभावशाली लोगों का दखल? सास गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं।
- क्या उनके प्रभाव ने शुरुआती जांच प्रभावित की? इसी वजह से CBI जांच की मांग हुई।
परिवार vs ससुराल पक्ष
ट्विशा के माता-पिता और भाई-बहन दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगा रहे हैं। वहीं समर्थ सिंह का परिवार ट्विशा पर ड्रग एडिक्शन का आरोप लगा रहा है। AIIMS टीम के दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद 24 मई को अंतिम संस्कार किया गया।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
- मामले ने महिलाओं की सुरक्षा, दहेज प्रथा और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने CBI जांच का आश्वासन दिया। किरण बेदी समेत कई हस्तियों ने भी टिप्पणी की है।
CBI जांच से क्या उम्मीद?
CBI अब सभी सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड्स, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों की जांच करेगी। सच्चाई सामने आने पर ही परिवार को न्याय मिल सकेगा।
ट्विशा शर्मा केस केवल एक मौत का मामला नहीं, बल्कि दहेज, घरेलू हिंसा और प्रभावशाली लोगों द्वारा न्याय प्रभावित करने की कड़ी मिसाल बनता जा रहा है। CBI की निष्पक्ष जांच से ही पता चल पाएगा कि ट्विशा ने खुद जान दी या उसे मारा गया।