इमरान खान PTI : ब्रिटेन में पाकिस्तानी विपक्षी और इमरान खान समर्थकों पर लगातार हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हिल गई हैं। स्कॉटलैंड यार्ड की काउंटर-टेररिज्म पुलिसिंग (लंदन आतंकवाद-रोधी इकाई) इन हमलों की गहन जांच कर रही है। ये हमले पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और मौजूदा शहबाज सरकार के कट्टर आलोचकों को टारगेट कर रहे हैं। क्रिसमस पूर्व संध्या से शुरू हुई इन घटनाओं ने ब्रिटेन में रहने वाले पाकिस्तानी निर्वासितों में दहशत फैला दी है। आइए जानते हैं पूरी कहानी।
हमलों की शुरुआत और क्रम
हमलों की श्रृंखला 24 दिसंबर 2025 (क्रिसमस ईव) से शुरू हुई:
- बकिंघमशायर (चेशम) में दो अज्ञात लोगों ने एक इम्रान खान समर्थक के घर में घुसकर तोड़फोड़ की।
- कैम्ब्रिजशायर में मिर्जा शहजाद अकबर (48 वर्ष) पर हमला हुआ। अकबर इमरान खान की पूर्व कैबिनेट सदस्य और मानवाधिकार वकील हैं। नकाबपोश हमलावर ने उनके चेहरे पर 25-30 मुक्के मारे और पूछा, “क्या आप शहजाद अकबर हैं?”

इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को अकबर के घर पर तीन गोलियां चलाई गईं। CCTV में दो नकाबपोश दिखे, जिन्होंने खिड़की पर फायरिंग की और जलता हुआ कपड़ा फेंककर आग लगाने की कोशिश की। पड़ोसियों के पहुंचने पर हमलावर भाग गए।
10 जनवरी 2026 को तीसरा हमला: एक व्यक्ति ने केमिकल छिड़का, लोहे की रॉड से खिड़कियां तोड़ीं और घर के बाहर नस्लभेदी भित्तिचित्र बनाए। कुल मिलाकर चार हमले रिपोर्ट हुए, जिसमें एक में बंदूक का इस्तेमाल हुआ।
मुख्य पीड़ित: मिर्जा शहजाद अकबर
- मिर्जा शहजाद अकबर पाकिस्तान में मानवाधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं।
- वे इमरान खान के करीबी रहे और आसिम मुनीर व पाकिस्तानी
- सेना की खुली आलोचना करते हैं। अकबर ने कहा:
- “मैं यहां निर्वासन में एक पाकिस्तानी असंतुष्ट हूं। मैं पाकिस्तानी शासन (सेना समर्थित) का खुला आलोचक हूं
- यह तय है कि यह टारगेटेड अटैक था और हमलावरों को किसी ने काम पर रखा था।”
- उनकी पत्नी और बच्चे डर के मारे सुरक्षित स्थान पर चले गए।
- अकबर ने 2023 में भी एसिड अटैक का सामना किया था
- जो अब तक अनसुलझा है।
स्कॉटलैंड यार्ड की जांच
- स्कॉटलैंड यार्ड को संदेह है कि ये हमले टारगेटेड हैं और किसी विदेशी ताकत द्वारा आपराधिक प्रॉक्सी
- (किराए के हमलावर) का इस्तेमाल किया जा रहा है। जांच में देखा जा रहा है कि क्या सभी घटनाएं जुड़ी हुई हैं।
- 5 जनवरी 2026 को एसेक्स से एक 34 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया
- जिस पर आगजनी प्रयास और हथियार रखने का आरोप लगा। उसे अप्रैल तक जमानत पर रिहा कर दिया गया।
- पुलिस रूस, ईरान, चीन जैसे देशों की तर्ज पर जांच कर रही है, जहां विरोधियों को विदेश में निशाना बनाया जाता है।
मानवाधिकार संगठन रिप्राइव ने कहा: “ब्रिटिश सरकार को इन हमलों की सार्वजनिक निंदा करनी चाहिए। उनकी चुप्पी खतरनाक संकेत दे रही है कि ब्रिटेन की धरती पर ऐसी हिंसा बर्दाश्त की जा रही है।”
व्यापक संदर्भ: पाकिस्तानी निर्वासितों पर खतरा
- ब्रिटेन में रहने वाले कई पाकिस्तानी असंतुष्ट इमरान खान के समर्थक हैं, जो पाकिस्तान में
- सैन्य दबाव और राजनीतिक उत्पीड़न से भागे हैं। आसिम मुनीर को पाकिस्तान का सबसे
- ताकतवर व्यक्ति माना जाता है। ऐसे में उनके आलोचकों पर हमले बढ़ रहे हैं।
- यह घटनाक्रम पाकिस्तानी शासन द्वारा विदेशों में विरोध को दबाने की कोशिशों को दर्शाता है।
- स्कॉटलैंड यार्ड की जांच से उम्मीद है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा
- लेकिन ब्रिटेन में रहने वाले पाकिस्तानी निर्वासितों की सुरक्षा बड़ा सवाल बन गया है।
- अगर ये हमले किसी बड़े संगठित तंत्र से जुड़े हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
- मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए ब्रिटिश सरकार को मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।