अमृता फडणवीस : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गरमा-गरमी छा गई है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दावोस यात्रा पर तंज कसा तो उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने तीखा पलटवार किया। अमृता फडणवीस ने कहा कि उनके पति दावोस में “पिकनिक” मनाने नहीं गए हैं, बल्कि विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में भाग लेकर महाराष्ट्र के लिए भारी निवेश ला रहे हैं। यह घटना 22 जनवरी 2026 को सामने आई, जब अमृता मुंबई में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं।
संजय राउत का विवादित बयान क्या था?
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावोस सम्मेलन में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, “भारत के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में पिकनिक मना रहे हैं। भारतीय दृष्टिकोण से दावोस सम्मेलन हास्यास्पद है।” साथ ही उन्होंने दावोस जाने वाले नेताओं के यात्रा खर्च को सार्वजनिक करने की मांग की। यह टिप्पणी महाराष्ट्र की सत्ताधारी सरकार और खासकर देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधती हुई लग रही थी। महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन सरकार है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) विपक्ष में है। ऐसे में राजनीतिक हमले आम बात हैं।

अमृता फडणवीस का शानदार जवाब
#अमृता फडणवीस ने संजय राउत की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा, “मुझे उनकी भाषा कभी समझ नहीं आती, लेकिन मैं इतना ही कहूंगी कि अगर कोई व्यक्ति पिकनिक पर गया है, तो वह भारत और महाराष्ट्र में निवेश लाने और रोजगार बढ़ाने के लिए रोज सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक सम्मेलन और बैठकें नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मुझे लगता है कि उनका यह बयान, उनके बाकी सभी बयानों की तरह निराधार है।”
- अमृता का यह पलटवार काफी तेज और प्रभावी रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दावोस विश्व आर्थिक
- मंच का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय फोरम है, जहां देशों के नेता निवेश, व्यापार
- और विकास के अवसर तलाशते हैं। देवेंद्र फडणवीस
- वहां महाराष्ट्र को वैश्विक निवेशकों के सामने पेश कर रहे हैं।
दावोस में फडणवीस की बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दावोस यात्रा व्यर्थ नहीं गई। उन्होंने वहां महाराष्ट्र के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन निवेशों से राज्य में लगभग 13 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया सेल प्रमुख नवनाथ बान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी और संजय राउत पर पलटवार करते हुए कहा कि राउत को बताना चाहिए कि उन्होंने अपने जीवन में कितने लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने उद्धव ठाकरे के ढाई साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या उस दौरान 1,300 लोगों को भी नौकरी मिली थी। साथ ही आदित्य ठाकरे के दावोस दौरे से कितना निवेश आया, यह भी पूछा।
महाराष्ट्र राजनीति में बढ़ता तनाव
- यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति का हिस्सा है, जहां शिवसेना के विभाजन (2022) के
- बाद से भाजपा-शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे-शिवसेना (UBT) के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है।
- संजय राउत अक्सर सरकार पर हमला बोलते हैं, जबकि अमृता फडणवीस पहले भी कई बार सोशल मीडिया
- और बयानों से जवाब दे चुकी हैं। अमृता एक सिंगर और बैंकर हैं
- लेकिन राजनीतिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता चर्चा में रहती है।
विकास vs राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
अमृता फडणवीस का यह जवाब न सिर्फ व्यक्तिगत था, बल्कि यह विकास और मेहनत के मुद्दे को उजागर करता है। दावोस जैसी वैश्विक मंच पर जाना पिकनिक नहीं, बल्कि राज्य के हित में कड़ी मेहनत है। महाराष्ट्र जैसे औद्योगिक राज्य के लिए 15 लाख करोड़ का निवेश और 13 लाख रोजगार बड़े मायने रखते हैं। राजनीतिक नेता ऐसे बयानों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं, लेकिन असल में विकास कार्य ही जनता के हित में हैं।
- यह घटना दिखाती है कि महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज है
- लेकिन जनता अंततः विकास और रोजगार को देखती है।
- अमृता फडणवीस का करारा जवाब राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।