Entertainment News : बॉलीवुड के स्वर्ण युग में कई ऐसे चाइल्ड आर्टिस्ट हुए जिन्होंने बड़े-बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई। ऐसा ही एक नाम है मास्टर राजू (असली नाम राजू श्रेष्ठ या फहीम अजानी), जो 1970 के दशक में हर तीसरी फिल्म में नजर आते थे। हाल ही में एक इंटरव्यू में मास्टर राजू ने खुलासा किया कि एक समय अमिताभ बच्चन के पास उनसे कम काम होता था और बिग बी को उनके शॉट्स के लिए सेट पर घंटों इंतजार करना पड़ता था! यह किस्सा फिल्म ‘फर्रार’ (1975) से जुड़ा है, जिसमें अमिताभ बच्चन, संजीव कुमार और शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिकाओं में थे।
मास्टर राजू का चाइल्ड आर्टिस्ट दौर
मास्टर राजू ने मात्र 3 साल की उम्र में डेब्यू किया था। उनकी पहली फिल्म ‘शर्त’ (1969) थी। 1970 और 1980 के दशक में उन्होंने 70 से ज्यादा फिल्मों में काम किया (कुछ स्रोतों में 200 से ज्यादा का जिक्र है)। यश चोपड़ा, बसु चैटर्जी, प्रकाश मेहरा जैसे बड़े डायरेक्टर्स के साथ काम किया। वे अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना, संजीव कुमार जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन शेयर कर चुके हैं। फिल्मों में वे अक्सर अमिताभ बच्चन या अन्य हीरोज के बचपन के रोल निभाते थे, जैसे ‘परवरिश’, ‘परिचय’, ‘अभिमान’ आदि में। उस दौर में चाइल्ड आर्टिस्ट की डिमांड इतनी ज्यादा थी कि शूटिंग शेड्यूल उनके हिसाब से बनता था।
‘फर्रार’ फिल्म का अनोखा किस्सा
सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में मास्टर राजू ने बताया, “अमित जी बहुत वक्त के पक्के हैं, और उस वक्त उनके पास मुझसे कम काम होता था। मुझे ये बोलते हुए भी हंसी आ रही है। वो टाइम पर आ जाते थे, और उनके क्लोज-अप्स पहले ले लिए जाते थे। फिर जब मैं आता था, तो उन्हें एक तरफ बैठने को कहा जाता था क्योंकि मेरे शॉट्स को प्राथमिकता दी जाती थी। मुझे तीन घंटे में निकलना होता था, इसलिए अमित जी को इंतजार करना पड़ता था। मेरे शॉट्स खत्म होने के बाद उनके बचे हुए क्लोज-अप लिए जाते थे।”

यह सुनकर हैरानी होती है क्योंकि अमिताभ बच्चन उस समय ‘जंजीर’ (1973) के बाद सुपरस्टार बन रहे थे, लेकिन चाइल्ड आर्टिस्ट की जरूरत के कारण शेड्यूल बच्चे के हिसाब से चलता था। मास्टर राजू ने हंसते हुए कहा कि यह उनके करियर का गोल्डन पीरियड था।
मां ने अमिताभ बच्चन को डांट दी!
- उसी फिल्म ‘फर्रार’ का एक और मजेदार किस्सा है।
- एक सीन में अमिताभ बच्चन अपने हाथ का घाव दिखा रहे थे
- और उस पर मक्खियां उड़ रही थीं। लंच टाइम चल रहा था। मास्टर राजू की मां ने अमिताभ से कहा
- प्लीज इसे कवर करिए, हर जगह मक्खियां हो रही हैं और हम खाना खा रहे हैं।”
- अमिताभ बच्चन ने मुस्कुराकर उसका पालन किया। मास्टर राजू ने कहा कि अमिताभ
- बहुत अनुशासित थे, जबकि उस दौर में विनोद खन्ना, संजीव कुमार, राजेश खन्ना,
- धर्मेंद्र जैसे स्टार्स लेट आना फैशन समझते थे। अमिताभ को छोड़कर लगभग सभी देर से आते थे।
Entertainment News मास्टर राजू का करियर और आज का सफर
मास्टर राजू ने बाल कलाकार के रूप में खूब नाम कमाया, लेकिन बड़े होने पर हीरो बनने में सफल नहीं हुए।
- बाद में उन्होंने टीवी सीरियल्स में काम किया, जैसे ‘जय हनुमान’, ‘जय मां दुर्गा’ आदि
- में मिथकीय किरदार निभाए। आज वे फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं और पुराने किस्से शेयर करके
- फैंस को नॉस्टैल्जिया देते हैं। उनकी कहानियां बॉलीवुड के गोल्डन एरा की झलक दिखाती हैं
- जहां चाइल्ड आर्टिस्ट भी सुपरस्टार्स से आगे निकल सकते थे!
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