DMRC IIT Transport Partnership : 12 दिसंबर 2025 को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। IIT हैदराबाद के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब फॉर ऑटोनॉमस नेविगेशन (TiHAN) के साथ साइन किया गया यह MoU DMRC IIT Transport Partnership के रूप में जाना जा रहा है। यह साझेदारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधारने और स्मार्ट सिटी मॉडल को बढ़ावा देने का एक बड़ा प्रयास है। क्या है इस DMRC और IIT हैदराबाद साझेदारी का पूरा राज? आइए, विस्तार से जानते हैं।
DMRC IIT Transport Partnership का बैकग्राउंड
दिल्ली मेट्रो, जो भारत की सबसे सफल मेट्रो सिस्टम है, रोजाना लाखों यात्रियों को सुरक्षित और तेज यात्रा प्रदान करती है। लेकिन शहरीकरण की रफ्तार के साथ लास्ट-माइल कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मेट्रो स्टेशन से घर या ऑफिस तक पहुंचना कई बार मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए DMRC ने IIT हैदराबाद के TiHAN से हाथ मिलाया है। TiHAN, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की नेशनल मिशन ऑन साइबर-फिजिकल सिस्टम्स के तहत स्थापित, ऑटोनॉमस नेविगेशन, रोबोटिक्स, ड्रोन्स और अनमैन्ड प्लेटफॉर्म्स में विशेषज्ञता रखता है।

यह MoU 8-9 दिसंबर 2025 को साइन हुआ, जिसमें DMRC के R&D एडवाइजर शोभन चौधरी और TiHAN के हब एक्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. संतोष रेड्डी ने हस्ताक्षर किए। DMRC मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विकास कुमार, इंफ्रास्ट्रक्चर डायरेक्टर मनुज सिंघल, IIT हैदराबाद के डीन (इनोवेशन) प्रो. मल्ला रेड्डी और प्रो. पी. राजलक्ष्मी की मौजूदगी में यह समझौता हुआ। यह पार्टनरशिप न केवल दिल्ली बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को रिवोल्यूशनाइज करेगी।
साझेदारी के मुख्य उद्देश्य: पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नेक्स्ट जेन
DMRC IIT Transport Partnership का फोकस ऑटोनॉमस नेविगेशन सिस्टम्स पर है, जो बिना ड्राइवर के वाहनों को जटिल शहरी वातावरण में नेविगेट करने में सक्षम बनाएंगे। रीयल-टाइम डेटा कलेक्शन से ट्रांसपोर्टेशन एफिशिएंसी बढ़ेगी। मुख्य लक्ष्य:
- लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करना: मेट्रो स्टेशनों से अंतिम छोर तक ऑटोनॉमस शटल सर्विसेज, इंटेलिजेंट मोबिलिटी डिवाइसेस (जैसे ई-रिक्शा या छोटे रोबोटिक वाहन) का पायलट प्रोजेक्ट।
- स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी: डेटा-बेस्ड प्लानिंग से ट्रैफिक मैनेजमेंट, पब्लिक ट्रांजिट में एकीकरण और प्रदूषण कम करना।
- टियर-2/3 शहरों का विस्तार: हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर जैसे शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट्स को ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी से लैस करना। DMRC पहले से ही इन शहरों के मेट्रो प्रोजेक्ट्स में शामिल है।
DMRC की ऑपरेशनल एक्सपर्टीज और TiHAN की कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन नई संभावनाएं खोलेगा। उदाहरण के लिए, अनमैन्ड ड्रोन्स से ट्रैफिक मॉनिटरिंग या सेंसिंग टेक्नोलॉजी से पैसेंजर सेफ्टी बढ़ाना। यह साझेदारी “सेफ, स्मार्ट और नेक्स्ट-जन मोबिलिटी सॉल्यूशंस” पर आधारित है, जो भारत के स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़ती है।
फायदे: क्यों है यह साझेदारी गेम-चेंजर?
यह पार्टनरशिप पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को कई स्तरों पर मजबूत करेगी:
- यात्रियों के लिए: कम वेटिंग टाइम, सुरक्षित यात्रा और किफायती लास्ट-माइल ऑप्शंस।
- दिल्ली जैसे शहरों में जहां ट्रैफिक जाम आम है, ऑटोनॉमस सिस्टम्स से 20-30% तेज कनेक्टिविटी संभव।
- पर्यावरण के लिए: इलेक्ट्रिक और ड्राइवरलेस वाहनों से कार्बन एमिशन कम होगा, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा।
- इकोनॉमी के लिए: नए जॉब्स इनोवेशन, स्टार्टअप्स और R&D में। TiHAN जैसी हब्स स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरिंग देंगी।
- शहरों के लिए: टियर-3 शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होेगा, जहां अभी प्राइवेट वाहनों का दबदबा है।
- DMRC के MD डॉ. विकास कुमार ने कहा, “यह साझेदारी DMRC की इनोवेशन लिगेसी को आगे बढ़ाएगी।
- IIT हैदराबाद के प्रो. मल्ला रेड्डी ने जोर दिया कि यह रिसर्च इकोसिस्टम को बूस्ट करेगा।
- कुल मिलाकर, यह भारत को ग्लोबल मोबिलिटी लीडर बनाने की दिशा में एक कदम है।
भविष्य की योजनाएं: क्या होगा नेक्स्ट?
- MoU के तहत जॉइंट रिसर्च, ट्रायल्स और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे। पहले फेज में दिल्ली मेट्रो
- के चुनिंदा स्टेशनों पर ऑटोनॉमस शटल पायलट लॉन्च हो सकता है। लॉन्ग-टर्म में, डेटा एक्विजिशन सिस्टम्स
- से प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और पैसेंजर फ्लो ऑप्टिमाइजेशन होगा। यह साझेदारी DMRC की पिछली कोलैबोरेशन्स
- (जैसे IIT दिल्ली के साथ स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर) को मजबूत करेगी।
एक स्मार्ट ट्रांसपोर्ट रेवोल्यूशन की शुरुआत
DMRC IIT Transport Partnership न केवल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करेगी बल्कि भारत के शहरीकरण को सस्टेनेबल बनाएगी। लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की यह नई उम्मीद यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी। क्या आप इस साझेदारी से उत्साहित हैं?