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Sharjeel Imam Bail Plea दिल्ली हाई कोर्ट में शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई, पुलिस से मांगा जवाब!

On: July 17, 2026 10:39 AM
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Sharjeel Imam Bail Plea दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले से जुड़े कथित बड़ी साजिश (Larger Conspiracy) केस में आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अदालत ने मामले में पुलिस को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। यह मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज है और फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

Sharjeel Imam Bail Plea: दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई
#Sharjeel Imam Bail Plea दिल्ली हाई कोर्ट ने शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा।

Sharjeel Imam Bail Plea क्या है पूरा मामला?

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के बाद कई लोगों के खिलाफ कथित बड़ी साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस हिंसा की योजना पहले से बनाई गई थी। इसी मामले में शरजील इमाम भी आरोपियों में शामिल हैं और उन पर UAPA सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

हाई कोर्ट में क्या हुआ?

  • सुनवाई के दौरान शरजील इमाम की ओर से दलील दी गई कि मामले की सुनवाई में
  • काफी समय लग रहा है और ट्रायल में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इसी आधार
  • पर जमानत देने का अनुरोध किया गया। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से
  • विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। फिलहाल अदालत ने जमानत पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है।

ट्रायल में देरी का मुद्दा

याचिका में यह भी कहा गया कि लंबे समय से मुकदमे की सुनवाई चल रही है और ट्रायल की गति धीमी है। बचाव पक्ष का कहना है कि इस स्थिति को देखते हुए अदालत जमानत पर विचार कर सकती है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस अपना पक्ष अगली सुनवाई में रखेगी।

UAPA कानून क्या है?

  • गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) भारत का एक विशेष कानून है
  • जिसका उपयोग आतंकवाद और राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में किया जाता है।
  • इस कानून के तहत जमानत प्राप्त करना सामान्य आपराधिक मामलों की तुलना में अधिक
  • कठिन माना जाता है, क्योंकि अदालत को प्रथम दृष्टया आरोपों की प्रकृति पर भी विचार करना होता है।

आगे क्या होगा?

दिल्ली हाई कोर्ट अब दिल्ली पुलिस के जवाब का इंतजार करेगा। इसके बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अदालत तय करेगी कि शरजील इमाम की जमानत याचिका स्वीकार की जाए या नहीं। फिलहाल मामला विचाराधीन है और अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

कानूनी प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?

  • भारतीय न्याय व्यवस्था में किसी भी आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का निर्णय केवल
  • अदालत करती है। जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक मामला
  • न्यायिक विचाराधीन माना जाता है। इसलिए किसी भी न्यायिक कार्यवाही पर निष्कर्ष
  • निकालने से पहले अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार करना आवश्यक होता है।

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगना न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। फिलहाल अदालत ने केवल नोटिस जारी किया है और जमानत पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है। अगली सुनवाई में पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद अदालत आगे की कार्रवाई करेगी।

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