BAMS Admission 2026 अगर आपका सपना डॉक्टर बनने का है और आपने 10वीं कक्षा पास कर ली है, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब छात्र 10वीं के बाद ही आयुर्वेदिक डॉक्टर (BAMS) बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) ने Pre-Ayurveda Programme (PAP) के तहत एक नया शैक्षणिक मॉडल तैयार किया है, जिसमें छात्रों को 10वीं के बाद प्रवेश दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद शिक्षा को गुरुकुल प्रणाली के साथ जोड़ना और छात्रों को शुरुआती स्तर से ही आयुर्वेद की पढ़ाई के लिए तैयार करना है।

क्या है BAMS Pre-Ayurveda Programme?
Pre-Ayurveda Programme (PAP) एक दो वर्षीय प्रारंभिक पाठ्यक्रम है, जिसे पूरा करने के बाद छात्र BAMS की पढ़ाई करेंगे। पूरे कार्यक्रम की अवधि 7.5 वर्ष होगी, जिसमें—
- 2 वर्ष Pre-Ayurveda Programme
- 4.5 वर्ष BAMS कोर्स
- 1 वर्ष अनिवार्य इंटर्नशिप
इस प्रकार छात्र आयुर्वेद चिकित्सा की गहन शिक्षा प्राप्त कर पंजीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
BAMS Admission 2026 कौन कर सकता है आवेदन?
इस नए कार्यक्रम में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताएं पूरी करनी होंगी—
- किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना।
- प्रवेश वर्ष में निर्धारित आयु सीमा पूरी करना।
- आयुर्वेद और संस्कृत में रुचि होना।
- प्रवेश के लिए निर्धारित परीक्षा (NEET-PAP) में सफल होना।
विशेष रूप से संस्कृत विषय पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह योजना अधिक उपयोगी मानी जा रही है, हालांकि माध्यम और पात्रता से जुड़े विस्तृत नियम संबंधित अधिसूचना में दिए गए हैं।
NEET-PAP क्या है?
अब इस कार्यक्रम में प्रवेश NEET-PAP (National Eligibility-cum-Entrance Test – Pre Ayurveda Programme) के माध्यम से होगा। यह परीक्षा पारंपरिक NEET-UG से अलग होगी और आयुर्वेद गुरुकुलम में प्रवेश के लिए आयोजित की जाएगी।
इस परीक्षा में संस्कृत सहित अन्य भारतीय भाषाओं में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। मेरिट के आधार पर छात्रों को विभिन्न आयुर्वेद गुरुकुलम में प्रवेश मिलेगा।
आयुर्वेद गुरुकुलम में कैसी होगी पढ़ाई?
Pre-Ayurveda Programme के छात्रों को Ayurveda Gurukulam में आवासीय (Residential) शिक्षा दी जाएगी। यहां आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होंगे—
- संस्कृत
- अंग्रेजी एवं भारतीय भाषाएं
- भौतिक विज्ञान (Physics)
- रसायन विज्ञान (Chemistry)
- जीव विज्ञान (Biology)
- गणित
- भारतीय दर्शन
- आयुर्वेद का परिचय
- जीवन कौशल एवं कंप्यूटर शिक्षा
यह पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप तैयार किया गया है।
आवेदन प्रक्रिया
इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को—
- आधिकारिक अधिसूचना पढ़नी होगी।
- निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- आवेदन शुल्क जमा करना होगा।
- NEET-PAP परीक्षा में शामिल होना होगा।
- मेरिट सूची और ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से सीट आवंटन होगा।
इस नई योजना के फायदे!
नई व्यवस्था से छात्रों को कई लाभ मिलेंगे—
- 10वीं के बाद सीधे आयुर्वेद शिक्षा की शुरुआत।
- गुरुकुल प्रणाली में समग्र शिक्षा।
- संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन।
- BAMS की बेहतर तैयारी।
- आयुर्वेद क्षेत्र में करियर के नए अवसर।
- ग्रामीण और पारंपरिक चिकित्सा व्यवस्था को बढ़ावा।
BAMS करने के बाद करियर
BAMS पूरा करने के बाद छात्र कई क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं—
- आयुर्वेदिक चिकित्सक
- सरकारी अस्पताल
- निजी अस्पताल
- आयुष विभाग
- रिसर्च संस्थान
- मेडिकल कॉलेज
- पंचकर्म विशेषज्ञ
- स्वयं का आयुर्वेदिक क्लिनिक
- हर्बल एवं फार्मास्यूटिकल उद्योग
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
यदि आप आयुर्वेद में करियर बनाना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें। पात्रता, आवेदन तिथि, परीक्षा पैटर्न और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी समय पर प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचनाओं पर ही विश्वास करें।
BAMS Pre-Ayurveda Programme भारतीय आयुर्वेद शिक्षा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अब 10वीं पास छात्र भी प्रारंभिक आयुर्वेद शिक्षा प्राप्त कर भविष्य में BAMS डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। गुरुकुल आधारित शिक्षा, संस्कृत का समावेश और आधुनिक चिकित्सा ज्ञान का संतुलन इस कार्यक्रम को खास बनाता है। यदि आप आयुर्वेद में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है।