निसर्ग अधिकारी पश्चिम बंगाल के युवा एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी (Nisarga Adhikary) एक बार फिर चर्चा में हैं। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने उनकी प्रतिभा की खुलकर सराहना की और कहा कि ऐसे युवा देश की तकनीकी क्षमता का उदाहरण हैं। निसर्ग अधिकारी ने पहले CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में सुरक्षा संबंधी कमजोरियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद उन्हें IIT कानपुर के C3iHub में नौकरी मिली।

निसर्ग अधिकारी कौन हैं!
#निसर्ग अधिकारी पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक युवा एथिकल हैकर हैं। उन्होंने कम उम्र में ही साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने दावा किया था कि CBSE के डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम में कुछ सुरक्षा कमजोरियां मौजूद हैं, जिनकी जानकारी उन्होंने जिम्मेदारी के साथ संबंधित एजेंसियों को दी। इस घटना के बाद उनका नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।
क्या था CBSE OSM सिस्टम का मामला?
- CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की डिजिटल जांच के लिए On-Screen Marking
- (OSM) सिस्टम लागू किया था। निसर्ग अधिकारी ने इस सिस्टम में संभावित सुरक्षा
- खामियों की ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, कुछ तकनीकी कमियों का गलत उपयोग किया जा सकता था।
- हालांकि CBSE ने स्पष्ट किया था कि वास्तविक मूल्यांकन प्रणाली सुरक्षित थी
- और जिन कमियों की बात की गई, वे लाइव सिस्टम से संबंधित नहीं थीं।
- इसके बावजूद इस मामले ने साइबर सुरक्षा पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी।
IIT कानपुर में कैसे मिली नौकरी?
निसर्ग अधिकारी की तकनीकी क्षमता को देखते हुए IIT कानपुर के C3iHub (Cybersecurity and Cyber Defence Innovation Hub) ने उन्हें OSINT और Threat Intelligence Engineer के रूप में नियुक्त किया। यहां उनका काम साइबर खतरों का विश्लेषण करना, सार्वजनिक स्रोतों से जानकारी जुटाना और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े शोध कार्यों में सहयोग देना है।
सुकांत मजूमदार ने क्या कहा?
- कोलकाता में आयोजित Education for Viksit Bharat Conclave के दौरान
- केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने निसर्ग अधिकारी की प्रशंसा करते हुए
- कहा कि बंगाल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को सही
- दिशा और अवसर मिलने चाहिए ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस प्रतिभा को सही मार्गदर्शन न मिलता, तो यह गलत दिशा में भी जा सकती थी। लेकिन सरकार और संस्थानों ने उनकी क्षमता को सकारात्मक दिशा दी, जिसका परिणाम IIT कानपुर में उनकी नियुक्ति के रूप में सामने आया।
साइबर सुरक्षा के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
आज शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बन गई है।
निसर्ग अधिकारी का मामला यह दिखाता है कि यदि कोई जिम्मेदारी के साथ सुरक्षा खामियों की जानकारी देता है, तो उसकी प्रतिभा का उपयोग देशहित में किया जा सकता है। एथिकल हैकिंग का उद्देश्य सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि कमजोरियों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाना होता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
- निसर्ग अधिकारी की सफलता उन छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है
- जो साइबर सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग और आईटी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
- यह कहानी बताती है कि सही कौशल, मेहनत और जिम्मेदार दृष्टिकोण से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ेगी
- और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
निसर्ग अधिकारी की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा को सही अवसर मिले तो वह देश के लिए बड़ी उपलब्धि बन सकती है। CBSE सिस्टम की सुरक्षा कमजोरियों की ओर ध्यान दिलाने के बाद IIT कानपुर में नौकरी मिलना और केंद्रीय मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से उनकी सराहना किया जाना युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है। यह घटना साइबर सुरक्षा के महत्व और जिम्मेदार एथिकल हैकिंग की भूमिका को भी उजागर करती है।
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