जेवर एयरपोर्ट : उत्तर प्रदेश का जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि इस परियोजना के लिए किसानों को अपनी जमीन देने के लिए कैसे तैयार किया गया था।

किसानों ने शुरुआत में किया था विरोध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब कई किसान अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं थे। किसानों की सबसे बड़ी चिंता उनकी पैतृक जमीन और भविष्य की आजीविका को लेकर थी। ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसानों का विश्वास जीतने की थी।
- योगी आदित्यनाथ के अनुसार, सरकार ने किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया
- और उन्हें परियोजना के दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तार से समझाया।
- इसी संवाद और भरोसे के कारण धीरे-धीरे किसानों ने इस परियोजना का समर्थन करना शुरू कर दिया।
संवाद और विश्वास से बना रास्ता
- मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल मुआवजा देना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि किसानों
- को यह भरोसा दिलाना भी जरूरी था कि एयरपोर्ट बनने के बाद पूरे क्षेत्र का विकास होगा।
- सरकार ने किसानों को बेहतर मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
- यही कारण रहा कि बाद में बड़ी संख्या में किसानों ने स्वेच्छा से अपनी जमीन परियोजना के
- लिए उपलब्ध कराई। आज वही किसान इस परियोजना को अपने क्षेत्र के विकास का माध्यम मान रहे हैं।
जेवर एयरपोर्ट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बनाने की योजना है। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अनुसार
- यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, पर्यटन और वैश्विक निवेश को बढ़ावा देगी।
- एयरपोर्ट के कारण नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा, मथुरा और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
किसानों को भी मिलेगा विकास का लाभ
जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकास हो रहा है। एयरपोर्ट सिटी, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक क्षेत्र और नए व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
हाल के वर्षों में जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में संपत्तियों के दामों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। एयरपोर्ट के संचालन से इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है।
जेवर एयरपोर्ट शुरू हो चुका है एयरपोर्ट का संचालन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने हाल ही में व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है। पहली वाणिज्यिक उड़ान लखनऊ से जेवर पहुंची, जिसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना गया। उद्घाटन उड़ान में उन किसानों को भी शामिल किया गया जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी। यह उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक था।
विकास और किसानों का संतुलन
- जेवर एयरपोर्ट परियोजना यह दर्शाती है कि यदि सरकार और जनता के बीच विश्वास
- और संवाद हो, तो बड़े विकास कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है।
- किसानों की सहमति और सहयोग के बिना इतनी बड़ी परियोजना को जमीन पर उतारना संभव नहीं था।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में किसानों के योगदान को सराहा और कहा
- कि यह एयरपोर्ट केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास का नया अध्याय है।
जेवर एयरपोर्ट आज उत्तर प्रदेश की प्रगति और आधुनिक विकास का प्रतीक बन चुका है। शुरुआत में जिन किसानों ने अपनी जमीन देने से इनकार किया था, वे आज इस परियोजना की सफलता के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। संवाद, विश्वास और विकास की सोच ने इस परियोजना को सफल बनाया है। आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे बड़े आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों में से एक बन सकता है।
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